S M L

बिजली इंजीनियर्स की मांग: सुरक्षा दीजिए नहीं तो काम बंद

15 मई को पूरे प्रदेश में क्षेत्रीय मुख्यालयों पर शाम 4 बजे विरोध सभाएं की जाएंगी

FP Tech | Published On: May 14, 2017 09:36 PM IST | Updated On: May 14, 2017 09:36 PM IST

बिजली इंजीनियर्स की मांग: सुरक्षा दीजिए नहीं तो काम बंद

बिजली इंजीनियरों के साथ लगातार मार-पीट और उन पर हो रहे जानलेवा हमलों के विरोध में बिजली इंजीनियरों ने निर्णायक संघर्ष करने का ऐलान कर दिया है. 15 मई को पूरे प्रदेश में क्षेत्रीय मुख्यालयों पर शाम 4 बजे विरोध सभाएं की जाएंगी.

विरोध सभाओं के माध्यम से अभियन्ता प्रबन्धन और सरकार का अपने ऊपर हो रहे हमलों व झूठी एफआईआर आदि के बारे में ध्यानाकर्षण कराएंगे. ये विरोध सभाएं थर्मल पावर स्टेशनों और बिजली वितरण के क्षेत्रीय मुख्यालयों पर आयोजित की जाएंगीं. लखनऊ में यह सभा शक्तिभवन पर होगी.

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद इंजीनियर संघ के अध्यक्ष जीके मिश्रा और महासचिव राजीव सिंह ने जारी बयान में कहा कि पिछले 2-3 महीने से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में उपद्रवी अराजक तत्वों द्वारा इंजीनियर्स से गैर कानूनी कार्य कराने का दबाव बनाया जा रहा है.

इंजीनियर्स के साथ हो रहा है दुर्व्यहार

ऐसा न करने पर इंजीनियर्स के साथ मार-पीट, कार्यालय में तोड़-फोड़, जानलेवा हमले तक किए जा रहे हैं.

राजस्व वसूली अभियान, मीटर बदलने, बिजली चेकिंग करने के दौरान उपद्रवी तत्वों व छुटभैये नेताओं द्वारा अभियन्ताओं और उनकी टीम के साथ अभद्र व्यवहार, झगड़ा, मार-पीट, गाली-गलौज और जानलेवा हमला तक किया जा रहा है.

कई मामलों में घर की महिलाओं द्वारा इंजीनियर्स के विरूद्ध, छेड़-छाड़, रेप आदि की झूठी एफआईआर तक दर्ज कराई जा रही है. गोला, पुवांया, सहारनपुर, आजमगढ़ के ताजा मामले इसके गवाह हैं.

टूट रहा है इंजीनियर्स का मनोबल

उन्होंने बताया कि इन अराजक तत्वों पर कार्रवाई न होने से ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. वही दूसरी ओर इंजीनियर्स का मनोबल बुरी तरह टूट रहा है और वे बहुत ही आक्रोशित हैं.

इसी आक्रोश को व्यक्त करने के लिए पूरे प्रदेश में 15 मई को प्रबन्धन और सरकार के ध्यानाकर्षण और प्रभावी कदम उठाने हेतु विरोध-सभाएं आयोजित की जाएंगी.

यही नहीं इस मामले में प्रभावी कदम उठाने तक इंजीनियर्स लम्बे और निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार हैं, जिसकी रणनीति बनाई जा रही है. इससे राजस्व वसूली से लेकर चेकिंग अभियान ठप पड़ सकता है.

महासचिव राजीव सिंह ने मांग की कि इंजीनियर संघ द्वारा सुझाए गए 10 सूत्रीय उपायों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए अभियन्ताओं को स्थाई सुरक्षा प्रदान की जाए. यूपी में इंजीनियर्स प्रोटेक्शन एक्ट बनाया जाए. इंजीनियर्स के विरूद्ध कोई भी काउंटर एफआईआर करने से पूर्व विभागाध्यक्ष की पूर्वानुमति प्राप्त की जाए.

ये विरोध सभाएं ओबरा, अनपरा, हरदुआगंज, पारीछा, पनकी ताप विद्युत गृहों के साथ-साथ गोरखपुर, आजमगढ़, बनारस, इलाहाबाद, फैजाबाद, गोण्डा, लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़ आदि शहरों में आयोजित की जाएगी.

न्यूज़ 18 साभार

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi