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इस साल चीनी की मिठास मे घुलेगी महंगाई की कड़वाहट

साल 2016-17 के सत्र में चीनी उत्पादन लगभग 2.03 करोड़ टन रहने की संभावना है

IANS Updated On: Mar 07, 2017 11:15 PM IST

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इस साल चीनी की मिठास मे घुलेगी महंगाई की कड़वाहट

देश में चीनी उत्पादन में इस साल 19 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है, जिसका मुख्य कारण महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे सूखा प्रभावित राज्यों में गन्ने की पैदावार में कमी की आशंका है.

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन के मुताबिक, अक्टूबर से शुरू होने वाले 2016-17 के पेराई सत्र में उत्पादन 2.03 करोड़ टन होगा, जबकि पिछले साल समान अवधि में यह 2.51 करोड़ टन थी.

आईएसएमए ने जनवरी में 2.13 करोड़ टन उत्पादन का अनुमान लगाया था.

आईएसएमए ने कहा कि इन राज्यों के कुछ क्षेत्रों में, इस साल फरवरी में प्रति हेक्टेयर उपज पिछले साल की तुलना में 40 से 50 फीसदी तक कम थी.

ईएसएमए ने एक बयान में कहा, 'इसके अलावा, बुआई के इलाकों में हुई बढ़ोतरी के कारण इस साल ज्यादा बीज की जरूरत थी, खासतौर से महाराष्ट्र जैसे राज्यों में, लेकिन इसके बावजूद इस साल गन्ने की उपलब्धता कम हुई है.'

महाराष्ट्र में 17 जिलों को छोड़कर हर जगह पेराई बंद

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन ने सोमवार को चीनी उत्पादक राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले अपने सदस्यों के साथ बैठक किया और इसमें वर्तमान सीजन में चीनी उत्पादन के अनुमानों को संशोधित करने का फैसला किया गया.

इसमें कहा गया, 'विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करनेवाले अपने सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद आईएसएमए का मानना है कि साल 2016-17 के सत्र में चीनी उत्पादन लगभग 2.03 करोड़ टन रहने की संभावना है.'

महाराष्ट्र के मात्र 17 मिलों को छोड़कर सभी चीनी मिलों में पेराई बंद हो गई है, इसलिए वहां 42 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है. इसी तरह कर्नाटक की चीनी मिलों ने भी काम बंद कर दिया है लेकिन जुर्ला से सितंबर 2017 तक विशेष सीजन होने के कारण वहां 21.25 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है.

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