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कैमरे पर पहली बार कश्मीरी युवकों ने कबूला, पत्थरबाजी के लिए हुर्रियत ने किया मजबूर

संवाददाता से कुछ पत्थरबाजों ने खुलकर बात की और पत्थर फेंकने की वजह भी बताई

FP Staff Updated On: May 28, 2017 09:21 AM IST

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कैमरे पर पहली बार कश्मीरी युवकों ने कबूला, पत्थरबाजी के लिए हुर्रियत ने किया मजबूर

जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों पर न्यूज 18 इंडिया ने एक्सक्लूसिव पड़ताल की है, जिसमें चौंकने वाले खुलासे हुए. न्यूज18 इंडिया के संवाददाता से कुछ पत्थरबाजों ने खुलकर बात की और पत्थर फेंकने की वजह भी बताई, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे. कैमरे पर पहली बार इन पत्थरबाजों ने कबूल किया कैसे उनकी गरीबी का फायदा उठाकर हुर्रियत के नेता उन्हें पत्थर फेंकने के लिए मजबूर करते हैं.

ढ़िए, पत्थरबाजों से हुए न्यूज18इंडिया की पूरी बातचीत

न्यूज18 इंडिया: तुम्हारा क्या नाम है? पत्थरबाज: फैसल, मैं पत्थर फेंकता हूं.

न्यूज18 इंडिया: कब से? पत्थरबाज: मैंने ऐसा एक बार ही किया. अब समझा कि ये गलत है. पत्थरबाज: अमीर घर के बच्चे पढ़ रहे हैं और गरीब पत्थर फेंक रहे हैं. पत्थरबाज: हुर्रियत नेताओं के बच्चे विदेश में पढ़ रहे हैं और वो हमारी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं. न्यूज18 इंडिया: तुमसे पत्थर फेंकने के लिए कौन कहता है? पत्थरबाज: हुर्रियत नेता हमसे पत्थर फेंकने के लिए कहते हैं. न्यूज18 इंडिया: वो तुम लोगों से क्या कहते हैं? पत्थरबाज: जैसे कि कल हड़ताल है. न्यूज18 इंडिया: तुम्हे कैसे पता चलता था कि कब जाना है? पत्थरबाज: इसके लिए एक कैलेंडर था. न्यूज18 इंडिया: पत्थर फेंकने से पहले क्या तुमने कभी अपने माता-पिता से पूछा? पत्थरबाज: नहीं, ये पहली बार है. मैं दूसरे लड़कों के साथ गया जो पत्थरबाजी करने जा रहे थे. न्यूज18 इंडिया: तुमसे ऐसा किसने कहा कि हुर्रियत नेताओं के बच्चे पढ़ रहे हैं? पत्थरबाज: हमें ये महसूस हुआ कि गरीब जेल के अंदर है जबकि अमीर आजाद हैं.

न्यूज18 इंडिया से बातचीत में शाहिद नाम के एक युवक ने भी अपनी कहानी सुनाई कि कैसे हुर्रियत ने उसे पत्थरबाजी के जाल में फंसाया.

Stone Pelters in Kashmir

न्यूज18 इंडिया: तुम्हारा क्या नाम है? पत्थरबाज: शाहिद न्यूज18 इंडिया: तुम कितने साल के हो? पत्थरबाज: मैं 12वीं में पढ़ता हूं. न्यूज18 इंडिया: तुम पत्थरबाज क्यों बने? पत्थरबाज: बेरोजगारी की वजह से. न्यूज18 इंडिया: पत्थरबाजी के लिए कौन बुलाता है? पत्थरबाज: हुर्रियत बुलाता है, जिसके बाद हम स्कूल में प्रदर्शन करते हैं. न्यूज18 इंडिया: पत्थरबाजी से तुम्हें कुछ हासिल हुआ? पत्थरबाज: नहीं, हम पढ़ाई में पीछे रह गए और जेल में फंस गए. न्यूज18 इंडिया: क्या तुम पढ़ाई जारी रखना चाहते हो? पत्थरबाज: मैं कश्मीर की प्रशासनिक सेवा परीक्षा पास कर एसडीएम बनना चाहता हूं. न्यूज18 इंडिया: तुम पत्थरबाजी के चक्कर में क्यों फंसे? पत्थरबाज: स्कूल में सभी लोग ऐसा ही कर रहे थे.

यही दर्द एक और युवक 'मुजम्मिल' का है, जिसका दावा है कि उसने गरीबी की वजह से पत्थरबाजी का रास्ता चुना ताकि कुछ पैसे कमा सके. लेकिन अब वो इस नर्क से निकलकर पढ़ना चाहता है.

Kashmir Killing

(फोटो: पीटीआई)

न्यूज18 इंडिया: तुम्हारा क्या नाम है? पत्थरबाज: मुजम्मिल न्यूज18 इंडिया: तुम पत्थर क्यों फेंकते हो? पत्थरबाज: हम पैसे के लिए पत्थर फेंकते हैं. अमीर लोग पढ़ने के लिए विदेश जाते हैं. हम गरीब हैं इसलिए हम यहां रहते हैं और पत्थर फेंकते हैं, लेकिन अब हमें पता चला कि ये गलत है. न्यूज18 इंडिया: आगे तुम क्या करना चाहोगे? पत्थरबाज: मैं इंजीनियरिंग की परीक्षा देना चाहता हूं. न्यूज18 इंडिया: तुमने पत्थरबाजी कैसे शुरू की? पत्थरबाज: मुझे किसी ने नहीं कहा, गरीबी की वजह से किया. न्यूज18 इंडिया: तुम कहां तक पढ़े हो? पत्थरबाज: 10वीं तक. न्यूज18 इंडिया: तुमने अपनी पढ़ाई जारी क्यों नहीं रखी? पत्थरबाज: गरीबी की वजह से.

(साभार न्यूज18)

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