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जम्मू-कश्मीर में चेनाब पर बनेगा दुनिया का सबसे उंचा रेल पुल

1.315 किलोमीटर लंबा यह पुल चेनाब नदी के उपर 359 मीटर की उंचाई पर बन रहा है

FP Staff Updated On: May 07, 2017 08:09 PM IST

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जम्मू-कश्मीर में चेनाब पर बनेगा दुनिया का सबसे उंचा रेल पुल

भारत को जल्द दुनिया के सबसे उंचे रेलवे पुल का गौरव हासिल होगा क्योंकि जम्मू-कश्मीर में चेनाब नदी पर बन रहे इस पुल का निर्माण कार्य पूरे जोर-शोर से जारी है.

फिनलैंड और जर्मनी के सलाहकारों द्वारा डिजाइन किया गया 1.315 किलोमीटर लंबा यह पुल चेनाब नदी के उपर 359 मीटर की उंचाई पर बन रहा है. यह उंचाई एफिल टावर से 35 मीटर अधिक है.

परियोजना से जुड़े मुख्य रेलवे इंजीनियर बी.बी.एस तोमर ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य खत्म होते ही यह इंजीनियरिंग की एक अनूठी मिसाल बन जाएगी .

कश्मीर रेलवे परियोजना के उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला खंड का हिस्सा रहा यह पुल कटरा और बनिहाल के बीच अहम संपर्क का कार्य करेगा.

आतंकी हमले और भूकंप को भी झेलने में होगा सक्षम  

उच्च भूकंपीय क्षेत्र और सीमा के निकट होने के कारण डीआरडीओ इस पुल पर विशेष ध्यान दे रहा है तथा 12,000 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे पुल को आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र में किसी भी बड़े विस्फोट को झेलने में सक्षम बनाया जायेगा.

इस विशालकाय ढांचे का निर्माण कार्य मार्च 2019 तक पूरा करने के लिए वर्तमान में 1,400 कामगार दिन रात काम कर रहे हैं.

ब्रिटेन स्थित क्वालिटी कंसल्टेंट डेविड मैकेंजी ने बताया, ‘यह एक अभूतपूर्व कार्य है क्योंकि आप किसी बेहद सूदूर स्थान पर काबिल ठेकेदारों के साथ मिलकर एक विशाल इस्पात के पुल का निर्माण कार्य कर रहे हैं.’

परियोजना में अपनी भूमिका को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने बताया, ‘मेरी भूमिका क्वालिटी कंट्रोल की है और इसके लिए क्या कुछ स्वीकार्य है और क्या गैर स्वीकार्य इस बारे में उन्हें सुझाव देना है. यह विश्वस्तरीय मानक वाला एक बड़ा कार्य है, जिसके बारे में जानने और अध्ययन के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय उत्सुक रहेगा. निश्चित रूप से यह इंजीनियरिंग की एक मिसाल है और भारत को इस पर गर्व होना चाहिए.’

पुल को मिलेगी हवाई सुरक्षा मिलेगी 

इससे पहले यह क्षेत्र पहुंच के बाहर था और पुल के निर्माण कार्य को लेकर रेलवे को मार्ग सुगम्य बनाने के लिये 22 किलोमीटर लंबी सड़क बनानी पड़ी.

योजना के मुताबिक पुल की सुरक्षा के लिए हवाई सुरक्षा उपलब्ध करायी जायेगी. गंभीर परिस्थितियों में यात्रियों और ट्रेनों की सुरक्षा के लिये ऑनलाइन निगरानी और चेतावनी सूचक प्रणाली लगायी जायेगी. इससे सटे इलाके में पैदल पारपथ और साइकिल पारपथ भी मौजूद रहेंगे.

तोमर ने बताया, ‘पुल का निर्माण कार्य कश्मीर रेल लिंक परियोजना का बेहद चुनौतीपूर्ण हिस्सा है.’ जांच और रखरखाव के मकसद से पुल पर रोपवे भी बनाया जायेगा.

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