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रायन केस: पिंटो की याचिकाओं पर 10 दिन में फैसला करे हाईकोर्ट

रयान पिंटो और उनके माता-पिता को इस मामले में अंतरिम संरक्षण देने के हाईकोर्ट के 23 सितंबर के आदेश को कथित रूप से गैर कानूनी और असंवैधानिक बताते हुए इसे रद्द करने का अनुरोध किया है

Bhasha Updated On: Nov 06, 2017 10:27 PM IST

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रायन केस: पिंटो की याचिकाओं पर 10 दिन में फैसला करे हाईकोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से कहा कि रायन इंटरनेशनल समूह के तीन ट्रस्टियों की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर 10 दिन के अंदर निर्णय किया जाए. इस मामले में स्कूल में पढ़ने वाले 7 साल के प्रद्युमन ठाकुर का शव मिला था.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस धनंजय  वाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने सोमवार को छात्र प्रद्युमन के पिता की याचिका पर यह आदेश दिया, जिसमें इन तीनों ट्रस्टियों को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम संरक्षण की अवधि बढ़ा दी गई थी.

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘हम हाईकोर्ट से अनुरोध करते हैं कि आज से 10 दिन के भीतर याचिका पर फैसला किया जाए.’ छात्र प्रद्युमन के पिता वरूण चंद्र ठाकुर के वकील सुशील टेकरीवाल ने कहा कि हाईकोर्ट में काफी समय से मामला लंबित है.

haryana high court

ठाकुर ने रायन समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रयान पिंटो और उनके माता-पिता ग्रेस पिंटो और आगस्टाइन पिंटो को इस मामले में अंतरिम संरक्षण देने के हाईकोर्ट के 23 सितंबर के आदेश को कथित रूप से गैर कानूनी और असंवैधानिक बताते हुए इसे रद्द करने का अनुरोध किया है.

गुरूग्राम स्थित रायन स्कूल की कक्षा दो का छात्र प्रद्युमन 8 सितंबर को स्कूल के बाथरूम में मिला था. उसकी गर्दन कटी हुई थी. पुलिस ने स्कूल के बस कंडक्टर अशोक कुमार को इस अपराध के सिलसिले में गिरफ्तार किया है.

हरियाणा सरकार ने सारे मामले को विस्तृत जांच के लिए सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की थी. जिसके बाद जांच एजेंसी ने 22 सितंबर को यह मामला अपने हाथ में ले लिया.

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