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जीएसटी: कपड़ा, कारोबार से लेकर मनोरंजन क्षेत्र तक में विरोध क्यों?

देश के उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक जीएसटी का लोग कर रहे हैं विरोध

Manish Kumar Manish Kumar Updated On: Jul 04, 2017 01:36 PM IST

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जीएसटी: कपड़ा, कारोबार से लेकर मनोरंजन क्षेत्र तक में विरोध क्यों?

30 जून की आधी रात को जितनी धूम-धाम और तड़क-भड़क के साथ देश भर में जीएसटी लॉन्च हुआ था. इसका उतना ही जोरदार तरीके से विरोध भी हो रहा है.

लागू वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के विरोध में देश के कई हिस्सों में कारोबारियों, बुनकरों और थिएटर मालिकों ने कामकाज बंद रखा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में बुनकर पांच फीसदी जीएसटी के विरोध में हड़ताल कर रहे हैं. बुनकरों के मुताबिक उनका कारोबार पहले ही मंदी की मार और मुसीबतें झेल रहा है ऐसे में अब जीएसटी उनकी कमर तोड़ देगा. बुनकर इसके खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं.

इसके अलावा प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात के सूरत में भी कपड़ा कारोबारियों ने सड़क पर उतर कर विरोध-प्रदर्शन किया है. हालांकि, विरोध कर रहे व्यापारी दो गुटों में बंट गए. इनमें से एक गुट व्यापार चालू रखने के हक में था जबकि, दूसरा बंद जारी रखना चाहता था.

Launch of GST

30 जून की आधी रात राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद भवन में प्रधानमंत्री की मौजूदगी में जीएसटी कानून को लागू किया (फोटो: पीटीआई)

कपड़ा कारोबारियों का कहना है कि उनका व्यापार असंगठित क्षेत्र है. उनके यहां क्रेडिट पर पूरा कारोबार चलता है. ऐसे में 12 फीसदी तक जीएसटी को कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है. विरोध-प्रदर्शन तेज होने पर पुलिस ने कारोबारियों को तितर-बितर करने के लिए उनपर लाठियां चलाईं.

महाराष्ट्र के जलगांव में दाल मिलों ने जीएटी के खिलाफ बंद का आयोजन किया. दाल मिल एसोसिएशन के मुताबिक जीएसटी के तहत वस्तु और सामान की विक्री को लेकर शहर के 15 हजार दुकानदार-व्यवसायियों ने अपने जमा खर्चे का सॉफ्टवेयर बदला है. अब मूल्यवर्धित कर की बजाय जीएसटी के अनुसार ग्राहकों को कंप्यूटराइज्ड बिल देना पड़ेगा. इसे लेकर बुलाए गए बंद के चलते लगभग 30 करोड़ का कारोबार ठप होने का अनुमान लगाया जा रहा है.

मनोरंजन व्यवसाय पर जीएसटी का असर

जीएसटी लागू होने का दक्षिण के राज्य तमिलनाडु में खासा असर देखने को मिल रहा है. राज्य के सिनेमाघर मालिक 28 फीसदी जीएसटी के साथ 30 फीसदी मनोरंजन कर लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं. थियेटर मालिकों के इसे लेकर हड़ताल पर होने की वजह से राज्य भर में 1,000 से ज्यादा सिनेमा हॉल पिछले दो दिन से बंद हैं.

तमिल फिल्मों के सुपरस्टार कमल हासन ने भी जीएसटी के विरोध किया है. उनके मुताबिक जीएसटी से पूरे फिल्म इंडस्ट्री को नुकसान होगा.

Welcome GST

सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने रेत से जीएसटी की तस्वीर बनाकर उसका स्वागत किया (फोटो: पीटीआई)

इसके अलावा, तमिलनाडु के पटाखा कारोबारियों ने भी जीएसटी के विरोध में लगातार तीसरे दिन अपना कामकाज बंद रखा.

जम्मू-कश्मीर में हालांकि अभी जीएसटी लागू नहीं हुआ है. लेकिन अगले कुछ दिनों में इसके लागू होने की आशंका को देखते हुए कारोबारी विरोध में उतर आए हैं. कश्मीर ट्रेडर्स ऐंड मैन्युफैक्चरर्स फेडरेशन (केटीएमएफ) ने राज्य में जीएसटी के विरोध में काले झंडे लेकर राज्य विधानसभा के आगे मोर्चा निकाला. ये सभी जीएसटी के मौजूदा स्वरूप में लागू किए जाने के खिलाफ हैं.

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