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बिहार: गया रोड रेज के दोषी रॉकी यादव को उम्रकैद की सजा

रॉकी यादव जेडीयू एमएलसी मनोरमा देवी और बिंदी यादव का बेटा है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Sep 06, 2017 05:14 PM IST

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बिहार: गया रोड रेज के दोषी रॉकी यादव को उम्रकैद की सजा

2016 के बहुचर्चित आदित्य सचदेवा हत्याकांड में बिहार के गया कोर्ट ने दोषी रॉकी यादव को उम्रकैद की सजा सुना दी है.

रॉकी यादव के अलावा टेनी यादव और राजेश को भी उम्र कैद की सजा सुनाई गई है. रॉकी के पिता बिंदी यादव को भी 5 साल की सजा हुई है.

इससे पहले कोर्ट ने रॉकी को दोषी करार दे दिया था. 7 मई, 2016 को 12वीं के छात्र आदित्य सचदेवा को उसके दोस्तों के सामने ही गोली मार कर हत्या कर दी गई थी.

ये वाकया उस वक्त हुआ था जब आदित्य अपने दोस्तों के साथ बोधगया से गया लौट रहा था. इस हत्या में जेडीयू से निलंबित एमएलसी मनोरमा देवी के पुत्र रॉकी यादव का नाम सामने आया था.

7 मई, 2016 की रात को आदित्य और उसके चार दोस्त एक बर्थडे पार्टी मना कर बोधगया से गया लौट रहे थे. रास्ते में एमएलसी मनोरमा देवी का पुत्र रॉकी यादव भी अपने मां के बॉडीगार्ड के साथ आ रहा था.

रॉकी यादव आदित्य सचदेवा से साइड देने को कह रहा था. गाड़ी को साइड नहीं देने के कारण आदित्य और उसके दोस्तों के साथ रॉकी यादव की कहासुनी हई.

इसके बाद रॉकी यादव ने अपना आपा खो दिया और पिस्टल से गोली चला दी. गाड़ी की पिछली सीट पर बैठे आदित्य सचदेवा को सिर में गोली लगी. आदित्य सचदेवा की मौके पर ही मौत हो गई.

रॉकी यादव अपने मां-बाप के बड़े रसूख का फायदा उठाते हुए कई दिनों तक पुलिस के गिरफ्त से दूर रहा.

जेडीयू ने कड़ा रुख अपनाया था

घटना के कुछ दिन बाद ही पुलिस ने रॉकी यादव को गिरफ्तार कर लिया. रॉकी यादव को शह देने के आरोप में एमएलसी मनोरमा देवी की भी गिरफ्तार किया गया.

UP Police

रॉकी यादव की तलाशी के दौरान बिहार पुलिस को मनोरमा देवी के आवास से शराब की 6 बोतलें मिली थी.

उस समय बिहार में शराबबंदी कानून लागू किया जा चुका था. इस घटना के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की काफी फजीहत हुई थी. क्योंकि मनोरमा देवी तब तक जेडीयू की एमएलसी थी.

शराब मिलने की घटना को लेकर नीतीश कुमार ने काफी सख्त रुख इख्तियार किया था. मनोरमा देवी को पार्टी से निलंबित करने के साथ ही शराबबंदी कानून के उल्लंघन का मामला भी दर्ज किया गया.

मनोरमा देवी को जेडीयू से निलंबित करने के साथ उन पर शराबबंदी कानून का उल्लंघन का भी मामला दर्ज किया गया. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उस समय आरजेडी के साथ सरकार में थे.

इस हत्याकांड के बाद बिहार में एक बार फिर से जंगल राज लौटने की चर्चा जोर पकड़ने लगी. रॉकी यादव के मां-बाप के कारनामे को मीडिया ने खूब उछाला.

रॉकी यादव मामले में सरकार को एक और फजीहत तब झेलनी पड़ी थी जब हाईकोर्ट ने रॉकी यादव को जमानत दे दी. नीतीश सरकार पर आरोप लगे थे कि मामले को ठीक ढंग से कोर्ट में नहीं रखा गया.

रॉकी यादव की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया गया. सुप्रीम कोर्ट ने रॉकी यादव की जमानत रद्द करते हुए एक बार फिर से उसे सलाखों के अंदर पहुंचा दिया.

मामले में हुआ स्पीडी ट्रायल

सुप्रीम कोर्ट ने उस समय कहा था कि मामले की स्पीडी ट्रायल कर सितंबर 2017 तक सुनवाई पूरी करे. इस मामले में गया की अदालत ने 15 महीने और 23 दिन में सुनवाई पूरी की है.

इस केस का ट्रायल अभी गया के एडीजे-वन सच्चिदानंद सिंह की अदालत में चल रहा है. पहले इस केस का ट्रायल एडीजे-9 सुरेश प्रसाद मिश्रा की अदालत में शुरू हुआ था, जिसे बाद में स्थांतरित कर दिया गया. साथ ही राज्य सरकार ने दो पब्लिक प्रोसिक्यूटर को भी बदल दिया.

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इस हत्याकांड में रंजन यादव उर्फ रॉकी यादव और मनोरमा देवी का बॉडीगार्ड राजेश कुमार को नामजद अभियुक्त बनाया गया.

बाद में गया पुलिस ने रॉकी यादव के पिता बिंदेश्वरी प्रसाद उर्फ बिंदी यादव और रॉकी यादव के चचेरे भाई राजीव कुमार उर्फ टेनी यादव को आरोपी बनाया. कुल मिलाकर चार आरोपियों पर अदालत में ट्रायल चला.

इस घटना में तब नया मोड़ आ गया जब मृतक छात्र आदित्य सचदेवा के दोस्तों ने नामजद मुख्य आरोपी रॉकी यादव को पहचानने से इंकार कर दिया. अदित्य के दोस्तों ने घटना की जानकारी की पुष्टि जरूर की.

मामला कानूनी तौर पर काफी उलझ गया है क्योंकि रॉकी यादव को भारत के खेल मंत्रालय ने 'शूटर' घोषित कर रखा है. ऐसे में राइफल्स एसोसिएशन के सदस्य की हैसियत से रॉकी पांच हथियार रखने का अधिकारी है.

हमें कोर्ट पर भरोसा: श्याम सचदेवा

बहस के दौरान बचाव पक्ष की दलील थी कि क्योंकि किसी ने गोली चलाते रॉकी यादव को नहीं देखा है ऐसे में सरकारी वकील का आरोप गलत है कि आदित्य सचदेवा की पिस्टल से निकली गोली से ही आदित्य की मौत हुई है.

फैसले को लेकर आदित्य सचदेवा के माता-पिता ने कोर्ट पर भरोसा जताया. आदित्य सचदेवा के पिता श्याम सचदेवा का कहना है, 'इस फैसले का इंतजार मुझे और देश को भी है और कोर्ट के फैसले पर भरोसा है. मैंने इसके लिए काफी कानूनी लड़ाई लड़ी है.'

वहीं आदित्य सचदेवा की मां ने कहा कि उन्हें आदित्य सचदेवा के दोस्तों की गवाही से मुकरने का मलाल है. साथ ही वह कोर्ट पर पूरा विश्वास जता रही हैं. आदित्य की मां का कहना है कि कोर्ट अच्छी तरह समझ रही है कि यह घटना कैसे घटी.

हम आपको बता दें कि आदित्य सचदेवा हत्याकांड में मुख्य आरोपी रॉकी यादव के पिता बिंदी यादव पर मर्डर और किडनैपिंग के कई मामले चल रहे हैं. बिंदी यादव पर अभी भी कम से कम 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं. बिंदी यादव को गया जिले में बाहुबली माना जाता है.

रॉकी यादव के पिता बिंदी यादव पर देशद्रोह और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी मामले दर्ज हुआ. लेकिन, अपनी पहुंच और राजनीतिक रसूख के कारण वह जेल बाहर आ गया.

बिंदी यादव ने बनाया जुर्म और राजनीति का गठजोड़

बिंदी यादव जुर्म से राजनीति में कदम रखने के लिए आरजेडी से जुड़ गया. 90 के दशक में आरजेडी के रसूख का फायदा उठा कर गया में करोड़ों की संपत्ति अर्जित की. पैसा आया तो बिन्दी का शौक भी बढा. पहली पत्नी को छोड़ कर उसने दूसरी शादी मनोरमा से कर ली जिससे रॉकी यादव पैदा हुआ.

गया की एसएसपी गरिमा मल्लिक ने मामले पर कहा, 'क्योंकि मामला अदालत में है, इसलिए मेरा किसी प्रकार का कमेंट करना सही नहीं है. हमलोग भी अदालत के फैसले की बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. अदालत के फैसले के बाद ही मैं इस पर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया दे सकती हूं.'

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बता दें कि 9 मई को रॉकी यादव के पिता और मां मनोरमा देवी का बॉडीगार्ड राजेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. 10 मई को रॉकी यादव की गिरफ्तारी हुई थी.

21 नंवबर 2016 को अदालत में आरोप गठित हुए थे और 25 अगस्त 2017 को अदालत में सुनवाई पूरी हुई थी. अभियोजन पक्ष की ओर से 30 लोगों की गवाही हुई है.

कानून के जानकारों का कहना है कि बैलेस्टिक विशेषज्ञ और एफएसएल टीम के द्वारा जुटाए गए साक्ष्य अहम साबित हुए. बैलेस्टिक विशेषज्ञ अदालत को बता चुके हैं कि रॉकी यादव की पिस्टल से निकली गोली से ही आदित्य सचदेवा की मौत हुई थी.

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