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बिहार: बाढ़ से दर्जन भर जिलों में स्थिति बदतर, 13 की मौत

पानी बढ़ने से लोग अपना घर-बार छोड़कर ऊंची जगहों पर जा रहे हैं. बाढ़ के चलते करोड़ों की आबादी प्रभावित हुई है

FP Staff Updated On: Aug 14, 2017 12:18 PM IST

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बिहार: बाढ़ से दर्जन भर जिलों में स्थिति बदतर, 13 की मौत

उत्तर बिहार और सीमांचल के दर्जन भर जिलों में बाढ़ का कहर जारी है. हर बीतते दिन के साथ स्थिति और भयावह होती जा रही है. अररिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी में स्थिति गंभीर है. अब तक बाढ़ की चपेट में आकर 13 लोगों की मौत की खबर है.

सीएम नीतीश कुमार ने राहत और बचाव के काम के लिए भारतीय वायुसेना से मदद मांगी है. रविवार को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में नीतीश कुमार ने उन्हें हालात के बारे में जानकारी दी और केंद्र सरकार से मदद की अपील की.

किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जिले में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं. वाल्मिकीनगर गंडक बराज से 4.85 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाढ़ की समस्या विकराल हो गई है. पानी बढ़ने से लोग अपना घर-बार छोड़कर ऊंची जगहों पर जा रहे हैं. बाढ़ के चलते करोड़ों की आबादी प्रभावित हुई है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ को लेकर रविवार को पटना में एक हाईलेवल बैठक की. सोमवार को सीएम बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई दौरा करने वाले हैं.

कटिहार जिले में जियामारी के पास पानी के दबाव से महानंदा नदी का बांध धंस गया है. बांध टूटने की वजह से नदी के पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है. जिसकी वजह से लोगों में डर का माहौल है. बांध को ठीक करने का काम युद्धस्तर पर जारी है. सुपौल जिले केएन एच 327ई पर जदिया हाईस्कूल के पास पुलिया धंसने से सुपौल का अररिया से संपर्क टूट गया है. यहां के पंचायत के दर्जनों गांवों पर जल प्रलय का खतरा मंडराने लगा है.

दरभंगा जिला भी बाढ़ की चपेट में है. यहां के घनश्यामपुर प्रखंड में सोमवार की सुबह कमला बलान नदी का पश्चिमी तटबंध दो जगहों पर टूटने से भारी तबाही मच गई है. प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया है. बाढ़ के हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने इमरजेंसी बैठक बुलाई है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं.

अररिया जिले से होकर गुजरने वाली मुख्य नहर को काट दिए जाने से इलाके में बाढ़ का पानी भर गया है. इससे लगभग एक लाख से अधिक की आबादी प्रभावित है. इन क्षेत्रों के लोग एनएच 57 और सरकारी भवनों में तंबू लगाकर अपने जानवरों के साथ शरण ले रहे हैं.

पूर्णिया के बायसी प्रखंड के कदमसाड़ी में फंसे लगभग 200 लोगों को हेलिकॉप्टर की मदद से बाहर निकालकर कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. नेपाल के तराई वाले क्षेत्रों और कोसी, सीमांचल के इलाकों में हुई भारी बारिश के चलते यह बाढ़ आई है.

राज्य सरकार ने बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए सेना की मदद मांगी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर मदद मांगी है. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने नीतीश कुमार से बात कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया है.

बिहार के बाढ़ प्रभावित कई जिलों में सेना पहुंच चुकी है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना दानापुर और रांची आर्मी बेस से कूच कर चुकी है. बाढ़ प्रभावित किशनगंज, अररिया और पूर्णिया के इलाकों में पहले से मौजूद एनडीआरएफ की टीम लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने में जुटी हुई है. केंद्र से एनडीआरएफ की 10 टुकड़ियां बिहार पहुंच रही हैं. जबकि, भुवनेश्वर से चार टुकड़ी किशनगंज और पूर्णिया पहुंच रही है.

उत्तर बिहार और बंगाल में बाढ़ के कारण किशनगंज-सिलीगुड़ी-रेल मार्ग ठप हो गया है. पूर्वोत्तर के आठ राज्यों का शेष भारत से रेल संपर्क टूट गया है. कटिहार से सिलिगुड़ी के बीच रेलवे ट्रैक पर कई जगह पानी भर जाने से 18 से ज्यादा ट्रेनों को रविवार को रद्द करना पड़ा.

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