S M L

सरकार तस्करी और नकली सामान के कारोबार पर लगाम लगाए: फिक्की

फिक्की की संस्था कैस्केड की रिपोर्ट में इसके चलते सात उद्योग क्षेत्रों में 1,05,381 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है

Bhasha | Published On: May 15, 2017 11:51 PM IST | Updated On: May 15, 2017 11:53 PM IST

सरकार तस्करी और नकली सामान के कारोबार पर लगाम लगाए: फिक्की

फिक्की ने सरकार से तस्करी और नकली सामान के कारोबार पर अंकुश लगाने को कड़े कदम उठाने का सुझाव दिया है.

उद्योग मंडल की एक रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है कि कर की ऊंची दरों की वजह से गैरकानूनी बाजार बन रहा है. इससे सस्ते और जाली या नकली सामान की मांग बढ़ रही है.

फिक्की की संस्था कैस्केड की रिपोर्ट में इसके चलते सात उद्योग क्षेत्रों में 1,05,381 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है. यह 2011-12 से 2013-14 के दौरान 44.4 प्रतिशत बढ़ा है.

फिक्की ने रिपोर्ट के नतीजों को वित्त मंत्रालय, कैबिनेट सचिवालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के नीति निर्माताओं के साथ साझा किया है. उद्योग मंडल ने इससे पहले इसी महीने राजस्व सचिव हसमुख अधिया को लिखे पत्र में तस्करी और नकली सामान के मुद्दे को उठाया था.

FICCI

फिक्की के महासचिव ए दीदार सिंह ने अधिया को लिखे पत्र में कहा था, ‘भारत को दुनिया में वृद्धि का इंजन माना जा रहा है. भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ने के साथ उसे तस्करी और नकली सामान की समस्या का सामना करना पड़ रहा है.’

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हुआ भारी नुकसान 

रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ सात मैन्युफैक्चरिंग सेक्टरों में गैरकानूनी बाजारों से सरकार को 2014 में 39,239 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ.

अलग-अलग सेक्टर के लिहाज से देखा जाए तो नकली उत्पादों की वजह से तंबाकू उत्पाद क्षेत्र को 9,139 करोड़ रुपए, मोबाइल फोन को 6,705 करोड़ रुपए और अल्कोहल वाले बेवरेज उद्योग को 6,309 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ.

फिक्की की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि तस्कर अब सिगरेट तथा फैब्रिक-रेशमी धागे की तस्करी कर रहे हैं क्योंकि ये क्षेत्र कम जोखिम और अधिक लाभ वाले हैं.

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi