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फर्जी बाबा की लिस्ट में नाम आने पर अखाड़ा परिषद को भेजा नोटिस

इससे पहले अखाड़ा परिषद पर शराब व्यापारी को महामंडलेश्वर बनाने के आरोप लग चुके हैं

FP Staff Updated On: Sep 12, 2017 11:29 AM IST

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फर्जी बाबा की लिस्ट में नाम आने पर अखाड़ा परिषद को भेजा नोटिस

देश में कई बाबाओं के बलात्कार जैसे अपराधों में दोषी पाए जाने के बाद साधुओं के अखाड़ा परिषद ने फर्जी बाबाओं की एक लिस्ट जारी की थी. इस लिस्ट में 14 बाबाओं को फर्जी बताते हुए कहा गया था कि लोग इनके चक्करों में न पड़ें. साथ ही ये भी कहा था कि अगले महीने एक और लिस्ट भी आएगी.

अब इन 14 बाबाओं में से एक कुश मुनि ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के आरोपों के जवाब में एक लीगल नोटिस भेजा है. सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ के महंत कुश मुनि ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि को कानूनी नोटिस भिजवाया है.

कुश मुनि की वकील ज्योति गिरि ने लिखा है कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि से पूछा गया है कि आपने निराधार तथ्यों के आधार पर हमारे मुवक्किल कुश मुनि को क्यों फर्जी बाबाओं की लिस्ट में रखा है. यदि आप उनका नाम इस सूचि से नहीं हटाते हैं तो क्यों न आप पर मानहानि का दावा किया जाए?

एनडीटीवी को दिए गए एक इंटरव्यू में कुश मुनि ने कहा है कि नरेंद्र गिरि की अपनी छवि अच्छी नहीं है ऐसे में इस लिस्ट का कोई मतलब नहीं है. आपको बता दें कि इससे पहले नरेंद्र गिरि ने ही अखाड़ा परिषद में गाज़ियाबाद के शराब व्यापारी सचिन दत्त को महामंडलेश्वर घोषित किया था. जिसके बाद उन पर कई सवाल उठे थे. इस लिस्ट में सचिन दत्त को भी फर्जी बाबा करार दिया है.

धर्म के नाम पर जिस देश में अरबों-खरबों का व्यापार होता हो वहां इस तरह की लिस्ट पर ऐसे विवाद होना सामान्य बात हैं. क्योंकि फर्जी घोषित किए गए बाबाओं को कुंभ और अर्धकुंभ में अपना डेरा लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी. जिसका मतलब है देश-विदेश से आने वाले करोड़ों रुपए की दान-दक्षिणा का नुकसान.

सचिन दत्त को महामंडलेश्वर बना रही अखाड़ा परिषद

सचिन दत्त को महामंडलेश्वर बना रही अखाड़ा परिषद

वैसे इस लिस्ट में शामिल बाबा फर्जी हों या न हो लिस्ट बनाने वालों के दामन भी पाक साफ नहीं है. शराब व्यापारी को महामंडलेश्वर बनाने का विवाद जग-जाहिर है. तमाम आश्रमों में होने वाले अपराधों पर अखाड़ा परिषद शांत ही रहती है.

कुछ साल पहले नीम करोरी बाबा के उत्तरप्रदेश वाले आश्रम के प्रमुख को गंभीर अपराधों में पकड़ा गया था. राजनीति में आए तमाम बाबा सांसद और मंत्री बनने के बाद रोज कुछ न कुछ विवादास्पद बोलते हैं. हिंसा भड़काने की बात करते हैं अखाड़ा परिषद ऐसे बाबाओं को उनकी सत्ता की पहुंच के चलते सर माथे पर बिठाए रखती है.

आगे आने वाले समय इस विवाद में और भी बहुत कुछ रोमांचक होने वाला है. नज़र बनाए रखिएगा.

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