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सिंघानिया फैमिली में संग्राम: एक बुजुर्ग पिता, जिसके बेटे ने छोड़ दिया बेसहारा

बेटे गौतम सिंघानिया की बेरुखी के चलते बुजुर्ग पिता विजयपत सिंघानिया गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं

FP Staff Updated On: Aug 09, 2017 11:28 PM IST

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सिंघानिया फैमिली में संग्राम: एक बुजुर्ग पिता, जिसके बेटे ने छोड़ दिया बेसहारा

क्या आप यकीन करेंगे कि कल तक जिसकी गिनती भारत के सबसे अमीर लोगों में होती थी वो आज पाई-पाई के लिए मोहताज है. ये बात हैरान करने वाली है लेकिन सच है.

देश के सबसे अमीर परिवारों में शामिल सिंघानिया फैमिली विवादों के घेरे में है. रेमंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मालिक विजयपत सिंघानिया और उनके बेटे गौतम सिंघानिया के बीच यह विवाद खड़ा हुआ है. विजयपत सिंघानिया ने अपके बेटे पर खुद को एक-एक पैसे का मोहताज बनाकर रखने का आरोप लगाया है. सिंघानिया ने कहा कि गौतम रेमंड लिमिटेड को अपनी व्यक्तिगत मिल्कियत जैसे चला रहा है.

देश के टॉप ब्रैंड में शामिल रेमंड लिमिटेड को अपने बेटे गौतम को सौंपने के बाद विजयपत सिंघानिया इन दिनों मुंबई के ग्रैंड पराडी सोसायटी में किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं. विजयपत सिंघानिया ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मालाबार हिल्स में अपने डूप्लेक्स घर का मालिकाना हक मांगा है. बुधवार को विजयपत सिंघानिया के वकील ने कोर्ट को बताया कि विजयपत आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं.

फोटो सोर्स: DNA

फोटो सोर्स: DNA

जिस घर के मालिकाना हक के लिए याचिका दायर की गई है वह 1960 में बना है. तब यह 14 फ्लोर की बिल्डिंग थी. बाद में इस बिल्डिंग के 4 ड्प्लेक्स रेमंड की सब्सिडरी पश्मीना होल्डिंग को दे दिए गए. साल 2007 में कंपनी ने इस बिल्डिंग को फिर से बनवाने का फैसला किया. डील के मुताबिक विजयपत सिंघानिया और गौतम, वीना देवी (विजयपत सिंघानिया के भाई अजयपत सिंघानिया की विधवा) और उनके बेटों अनंत और अक्षयपत सिंघानिया को एक-एक डूप्सेक्स मिलना था. इसके लिए उन्हें 9 हजार रुपए वर्ग फीट की दर से कीमत चुकानी थी.

बेटे गौतम सिंघानिया ने पिता को बेहसारा छोड़ दिया

अपार्टमेंट में अपने हिस्से को लेकर वीनादेवी और अनंत ने पहले से ही एक संयुक्त याचिका दायर कर रखी है. अक्षयपत ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक अलग याचिका दायर की है. विजयपत सिंघानिया के वकील दिनयर मेडन ने कोर्ट को बताया कि 78 साल के विजयपत सिंघानिया ने अपनी सारी संपत्ति अपने बेटे के नाम कर दी, लेकिन बेटा अब उनपर ध्यान नहीं दे रहा है. उसने उन्हें बेसहारा छोड़ दिया है.

वकील ने बताया कि सिंघानिया ने कंपनी में अपने सारे शेयर अपने बेटे के हिस्से में दे दिए. इन शेयरों की कीमत 1000 करोड़ रुपए के आसपास थी, लेकिन अब गौतम को अपने पिता की कोई फिक्र नहीं. वो अब मजबूर और लाचार हैं. यहां तक की विजयपत सिंघानिया की गाड़ी और उसका ड्राइवर भी वापस ले लिया है.

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