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शशिकला की 'ऐश' का खुलासा करने वाली अधिकारी का तबादला

डीआईजी रूपा को अब रोड सेफ्टी और ट्रैफिक विभाग में भेज दिया गया है.

FP Staff | Published On: Jul 17, 2017 02:11 PM IST | Updated On: Jul 17, 2017 04:17 PM IST

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शशिकला की 'ऐश' का खुलासा करने वाली अधिकारी का तबादला

बेंगलुरू के जेल में कैदियों को मिल रही विशेष सुविधा की ओर ध्यान दिलाने वाली डीआईजी डी रूपा का तबादला कर दिया गया है. रूपा के साथ-साथ जेल के डायरेक्टर का भी तबादला कर दिया गया है.

सरकार ने सोमवार को एक नोटिस जारी कर कहा है कि पुलिस महानिदेशक (कारागार) एच एन सत्यनारायण राव और उन पर रिश्वत के आरोप लगाने वाली उपमहानिरीक्षक (कारागार) डी रूपा का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया.

रूपा ने आरोप लगाया था कि आय से अधिक संपत्ति मामले में बेंगलुरु की पारापन्ना अग्रहारा जेल में बंद शशिकला ने स्पेशल ट्रीटमेंट के लिए 2 करोड़ रुपए रिश्वत दी थी. रूपा को अब रोड सेफ्टी और ट्रैफिक विभाग में भेज दिया गया है.

महिला ऑफिसर ने सिस्टम के खिलाफ जाकर इस बात का खुलासा किया था. रूपा के द्वारा दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, जेल डायरेक्टर जनरल ने इस वीआईपी सुविधाओं के बदले 2 करोड़ रुपए लिए थे. हालांकि डीजी ने इस सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.

राज्य सरकार ने एक अधिसूचना में कहा गया है  कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त एन एस मेघारिख का तत्काल प्रभाव से तबादला कर उन्हें राव की जगह अतिरिक्त डीजीपी (कारागार) के पद पर तैनात किया गया है.

इसमें यह भी कहा गया कि रूपा को पुलिस उपमहानिरीक्षक और यातायात एवं सड़क सुरक्षा आयुक्त के पद पर तैनात किया गया है.

हालांकि अधिसूचना में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि राव का तबादला किस पद पर किया गया है और रूपा की जगह किसे तैनात किया गया है.

सीएम ने दिए मामले की जांच के आदेश 

राव को 12 जुलाई को सौंपे गए एक रिपोर्ट में रूपा ने कहा था कि ऐसी ‘बातें’ हो रही हैं कि शशिकला को विशेष सुविधाएं देने के बदले दो करोड़ रुपए दिए गए और उनके (राव) खिलाफ भी आरोप हैं.

रूपा ने यह भी कहा था कि जेल नियमों का उल्लंघन करते हुए शशिकला के लिए वहां एक विशेष रसोईघर भी काम कर रहा है.

राव ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे ‘पूरी तरह गलत, बेबुनियाद और अविवेचित’ बताया और कहा कि वह अपने जूनियर अधिकारी रूपा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे.

दोनों अधिकारियों के बीच सार्वजनिक बहस शुरू होने के साथ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आरोपों को लेकर एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी द्वारा उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए.

साथ ही मामले से शर्मसार हुई राज्य की कांग्रेस सरकार ने रूपा को कानूनी नोटिस भेजकर अपने इस आचरण को लेकर स्पष्टीकरण देने को कहा.

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