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'जरूरत बढ़ती है तो आज या कल में होगा ऑड-ईवन पर फैसला'

केजरीवाल ने कहा, जब तक राज्य सरकारें पराली जलाने को लेकर आर्थिक रूप से व्यवहार्य समाधान नहीं ढूंढ पाती हैं, तब तक प्रदूषण नहीं रुकेगा

FP Staff Updated On: Nov 09, 2017 01:31 PM IST

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'जरूरत बढ़ती है तो आज या कल में होगा ऑड-ईवन पर फैसला'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बढ़ते प्रदूषण पर बात की. उन्होंने इस मौके पर कहा, अगर केंद्र, यूपी, पंजाब और हरियाणा सरकार राजनीति छोड़कर साथ आए, तो उपाय खोजा सकता है. लेकिन जब तक राज्य सरकारें पराली जलाने को लेकर आर्थिक रूप से व्यवहार्य समाधान नहीं ढूंढ पाती हैं, तब तक प्रदूषण नहीं रुकेगा.

उन्होंने ऑड-ईवन फॉर्मूले को लेकर कहा कि अगर जरूरत बढ़ती है तो ऑड-ईवन पर आज या फिर कल तक फैसला लिया जाएगा. दिल्ली में पीएम का स्तर सिर्फ स्थानीय कारणों से ही नहीं बढ़ रहा. दिल्ली सरकार और यहां के लोग हर एक संभव कदम उठाने के लिए तैयार हैं. लेकिन इन प्रयासों से तब तक बात नहीं बनेगी. जब तक पराली जलाने का कोई समाधान नहीं ढूंढा जाता. मिड अक्टूबर और मिड नवंबर के बीच सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरा उत्तर भारत गैस चेंबर बन गया है.

वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दिल्ली सरकार को आसपास के राज्यों को भी जमकर लताड़ लगाई है. एनजीटी ने कहा कि इस हेल्थ इमरजेंसी में सरकारें सारी जिम्मेदारियां एक दूसरे के सिर पर डाल रही हैं. दिल्ली सरकार को अस्पतालों में पड़े लोगों को देखना चाहिए. उन्हें शर्म आनी चाहिए, उन्होंने दिल्ली को बर्बाद कर दिया है.

एनजीटी ने दिल्ली में कन्सट्रक्शन के कामों पर रोक लगाने का निर्देश दिया है. एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा कि आपने पहले कोई कदम क्यों नहीं उठाया. आपने कन्स्ट्रक्शन के चल रहे कामों को रोकने के लिए नोटिस क्यों नहीं जारी किया. कल भी आपने हमारे ही निर्देशों पर ही काम किया. आपको जो करना था, कर चुके हम तय करेंगे कि क्या करना है. दिल्ली के पड़ोसी राज्यों को लताड़ लगाते हुए एनजीटी ने कहा, प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहा है. ये आने वाली पीढ़ियों को जो दे रहे हैं, उसपर इन्हें शर्म आनी चाहिए.

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