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एडवांस सॉफ्टवेयर की मदद से क्राइम कंट्रोल करेगी दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस ने इसरो द्वारा तैयार किया गया स्वदेशी तकनीक पर आधारित सॉफ्टवेयर खरीदा है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jul 03, 2017 09:37 PM IST

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एडवांस सॉफ्टवेयर की मदद से क्राइम कंट्रोल करेगी दिल्ली पुलिस

देश भर में जीएसटी लागू होने के बाद दिल्ली पुलिस को अपराधियों पर नकेल कसने के लिए आधुनिक और एडवांस सॉफ्टवेयर से लैस किया जा रहा है. स्वदेशी तकनीक पर आधारित इस सॉफ्टवेयर को इसरो ने तैयार किया है. इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से पूरे दिल्ली को सीधे कंट्रोल रूम से जोड़ा जा रहा है.

दिल्ली पुलिस को इस एडवांस सॉफ्टवेयर से अपराधग्रस्त इलाकों की पहचान करने में सहूलियत होगी. इस सॉफ्टवेयर के जरिए इसकी कमान जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ पीसीआर के वरिष्ठ अधिकारियों के पास भी रहेगी.

दिल्ली पुलिस ने अपराध को लेकर तैयार किए गए रूट मैप के आधार पर एक्शन प्लान भी तैयार किया है. इसके तहत पहचान किए गए इलाकों में खास समय पर बेरिकेड लगा कर संदिग्धों की जांच और गश्त को बढ़ाया जाएगा.

जीएसटी लागू होने के बाद साइबर अपराध भी बढ़ने की आशंका है. ऑनलाइन छेड़छाड़, ई-वॉलेट, नेट बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग जैसे फर्जीवाड़े से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने कुछ खास सॉफ्टवेयर खरीदे हैं.

साइबर अपराध पर लगाम लगाने वाले इस सॉफ्टवेयर की अपनी खासियत है. इससे वर्चुअल स्पेस में डाटा रख कर साइबर अपराध करने वालों तक पहुंचने में जांच टीम को मदद मिलेगी.

खास तरह का यह सॉफ्टवेयर एंड्रायड और विंडोज दोनों तरह के मोबाइल में होने वाले ऑनलाइन छेड़छाड़ की जांच करने और उस मोबाइल का लॉक तोड़ने में सक्षम है.

Delhi_Police

दिल्ली पुलिस राजधानी में बढ़ते अपराध के ग्राफ को कम करने के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी का सहारा ले रही है

अपराध का सालाना, महीने, वीकली और रोज का रिकॉर्ड मिलेगा

दिल्ली पुलिस द्वारा खरीदे गए इस एडवांस सॉफ्टवेयर की खासियत यह है कि इसके जरिए पुलिस को सालाना, महीने, साप्तहिक और रोज के हिसाब से दिल्ली में अपराध का पूरा खाका मिलेगा.

इस सॉफ्टवेयर के जरिए प्रति घंटे के औसत से भी अपराध रिकॉर्ड किए जाएंगे. राजधानी के किन-किन इलाकों में किस-किस तरह के अपराध हुए हैं, इसका भी पूरा ब्योरा मिलेगा.

इसके अलावा दिल्ली पुलिस प्राइवेट एजेंसियों से भी संपर्क कर रही है. इन एजेंसियों की मदद से अपराध वाले इलाके में लोगों की पहचान कर उनको सुधरने के लिए प्रोत्साहित करने की भी बात चल रही है.

इस सॉफ्टवेयर के जरिए दिल्ली पुलिस ने फिलहाल राजधानी के 44 थानों की पहचान की है. इन थानों में खास तौर पर महिलाओं से जुड़े अपराध और चोरी की वारदात सबसे ज्यादा होती है.

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक दिल्ली में अब स्मार्ट पुलिसिंग की जरूरत है. हर थाने में तेज तर्रार पुलिसवालों की जरूरत है. बावजूद इसके यहां पुलिसबल की भारी कमी है.

नोटबंदी के बाद से देश भर में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़े हैं. अब जीएसटी लागू होने के बाद इसमें और बढ़ोतरी की आशंका है. इन जोखिमों से निबटने की सरकार की कार्यप्रणाली बहुत लचर है. दिल्ली पुलिस की ताजा पहल से शायद साइबर अपराध और अन्य तरह के अपराध पर अंकुश लग सके.

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