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देशभर से चुनी जाएगी दिल्ली पुलिस: अनोखी पहल से बदलेगा चेहरा?

दिल्ली पुलिस में खाली पड़े लगभग 12 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया पूरे देश में शुरू की गई है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jun 14, 2017 10:37 AM IST

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देशभर से चुनी जाएगी दिल्ली पुलिस: अनोखी पहल से बदलेगा चेहरा?

दिल्लीवासियों की सुरक्षा और परेशानियों को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने कई स्तरों पर काम करना शुरू कर दिया है. सरकार ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवालों का जवाब ढूंढना भी शुरू कर दिया है. दिल्ली पुलिस के मौजूदा व्यवस्था में सुधार के साथ दिल्ली पुलिस में देश के सभी वर्गों को सांस्कृतिक प्रतिनिधत्व देने की कवायद भी शुरू कर दी गई है.

कुछ साल पहले दिल्ली पुलिस पर भाषाई और सांस्कृतिक आधार पर भेदभाव के आरोप लगे थे. दिल्ली पुलिस के आलाधिकारियों का मानना था कि दिल्ली में रहने वाले लोगों की सुविधा और उनकी परेशानियों को उनकी भाषा में समझे बिना दिल्ली पुलिस उसको दूर नहीं कर सकती है.

गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस में खाली पड़े लगभग 12 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया पूरे देश में शुरू करवाई है. राजस्थान, यूपी, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और नॉर्थ-ईस्ट जैसे राज्यों के हजारों युवाओं को दिल्ली पुलिस में नौकरी पाने का सुनहरा अवसर जल्द ही मिलने वाला है.

करीब 12 हजार पद हैं खाली

दिल्ली पुलिस में 6 हजार 173 कांस्टेबल, 2 हजार 422 हेड कांस्टेबल और 2 हजार 535 सब इंसपेक्टरों के पद खाली पड़े हैं. देश की राजधानी होने के कारण दिल्ली में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लोगों का आना-जाना या रहना बना रहता है.

पिछले कुछ सालों से दिल्ली में बाहर से आ कर रहने वाले लोगों खासकर नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को काफी परेशानी हो रही थी. पिछले दो-तीन सालों में नार्थ-ईस्ट के एक-दो छात्रों की मौत ने इस मामले को और तूल दे दिया.

दिल्ली पुलिस पर नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को ठीक से हैंडल नहीं करने के आरोप भी लगे थे. कुछ साल पहले लाजपत नगर इलाके में नॉर्थ-ईस्ट के एक छात्र की पीट-पीट कर हत्या ने मामले को एक बार फिर से तूल दे दिया था. नॉर्थ-ईस्ट के उस छात्र की हत्या ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़ा किया था.

गृह मंत्रालय ने इन्हीं सब कारणों को ध्यान में रखते हुए इस साल भर्ती परीक्षा पूरे देश में आयोजित कराने का फैसला किया. लगभग 12 हजार कांस्टेबलों और हेड कांस्टेबलों की भर्ती दिल्ली से बाहर कराने का फैसला किया गया है. इसके पीछे सोच है कि देश की राजधानी में रहने वाले हर बोली और भाषा के लोगों को जल्द ही समाधान मिल सके.

हर क्षेत्र को प्रतिनिधित्व की पहल

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी फ़र्स्टपोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, ‘दिल्ली में हिंदुस्तान के हर कोने से आकर लोग यहां पर रहते हैं. दिल्ली पुलिस में हर तरह के लोगों का, हर तबके के लोगों का या हर क्षेत्रों के लोगों का प्रतिनिधत्व होना चाहिए.’

जॉइंट सीपी रैंक के इस अधिकारी का कहना है, ‘नॉर्थ-ईस्ट के काफी बच्चे यहां रहते हैं. दिल्ली पुलिस में नॉर्थ-ईस्ट के लोगों की उपस्थिति नहीं के बराबर है. नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को अगर दिल्ली में कोई परेशानी हो तो उनको ये न लगे कि दिल्ली पुलिस हमारी बातों को नहीं सुनती है या कल्चरली हमें नहीं समझती है. अगर दिल्ली पुलिस में उनके लोग रहेंगे तो उनकी समस्याओं को उनके रिस्पॉंस को आसानी से समझने का मौका मिल पाएगा.’

हम आपको बताना चाह रहे हैं कि कछ दिन पहले ही दिल्ली पुलिस के कुछ आलाधिकारियों ने नॉर्थ-ईस्ट जाकर एक विशेष पहल कर वहां के लोगों को दिल्ली पुलिस में आने के लिए प्रोत्साहित किया था.

Delhi Police

दिल्ली पुलिस ने इस समय पूरे देश में कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबलों की भर्ती के लिए कैंप लगाया है. इसके जरिए देशभर के युवाओं को दिल्ली पुलिस में नौकरी करने का मौका मिलने जा रहा है.

दिल्ली पुलिस ने 12-15 साल पहले भी इसी तरह की भर्तियां देश भर में आयोजित करवाई थी. केरल, तमिलनाडु, झारखंड, बिहार और कर्नाटक के कई बच्चे उस समय दिल्ली पुलिस में चयनित हुए थे, जो आज दिल्ली पुलिस में सेवा दे रहे हैं.

दिल्ली पुलिस के पूर्व पुलिस कमिश्नर और वर्तमान में सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा ने पिछले साल दिल्ली पुलिस के 25 हजार 827 कांस्टेबल से लेकर हेड कांस्टेबल लेवल के अधिकारियों को जांच अधिकारी (असिस्टेंट सब इंसपेक्टर) के पदों पर प्रमोशन कर दिया था.

यह प्रमोशन दिल्ली में लंबी पड़ी केसों को निपटाने के लिहाज से किया गया था. जिससे 11 हजार 700 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल के पद रिक्त हुए थे. इस समय देश के कई राज्यों में दिल्ली पुलिस के डीसीपी रैंक और एडिशनल सीपी रैंक के अधिकारी चयन प्रक्रिया कर रहे हैं. चयन की प्रक्रिया लगभग एक महीने तक चलने वाली है.

भर्ती प्रक्रिया के लिए खूब दिख रहा जोश

इस भर्ती प्रक्रिया में लाखों युवा हिस्सा ले रहे हैं. महिला अभ्यर्थी भी जोर-शोर से भाग ले रही हैं. छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पहली बार हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों की भर्ती आयोजित की जा रही है. रायपुर में पहली बार किसी दूसरे राज्य के पुलिस की भर्ती प्रक्रिया हो रही है.

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक बताते हैं, ‘इस प्रक्रिया में सबसे पहले दौड़ होगी. युवतियों को 1600 मीटर की दौड़ जहां आठ मिनट में पूरी करनी होगी वहीं युवकों को 1600 मीटर दौड़ के लिए छह मिनट का वक्त मिलेगा. इसके बाद हाई जंप, लॉन्ग जंप और हाइट चेक की जाएगी. इसमें चयनित युवक और युवतियों को लिखित परीक्षा के लिए योग्य माना जाएगा. फिर फिजीकल टेस्ट के साथ ही उनकी आंखों और अंगूठे की पहचान बायोमेट्रिक मशीन से लेने के अलावा फोटो खींची जाएगी.'

पूरी भर्ती प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरे में कैद की जा रही है. भर्ती का हरेक मूवमेंट कैमरे में कैद होगा और उसका रिकॉर्ड भी दिल्ली पुलिस के पास रहेगा. ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर उस पर कार्रवाई की जाए.

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