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16 दिसंबर गैंगरेप: निर्भया मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, फांसी बरकरार

दिल्ली हाइकोर्ट ने दोषियों के खिलाफ मौत की सजा सुनाई थी.

FP Staff | Published On: May 05, 2017 07:43 AM IST | Updated On: May 05, 2017 02:27 PM IST

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16 दिसंबर गैंगरेप: निर्भया मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, फांसी बरकरार

देश की राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए 16 दिसंबर 2012 का दिन भुला पाना आसान नहीं है. क्योंकि इसी दिन 23 साल की पैरा-मेडिकल की एक छात्रा के साथ दिल्ली में गैंगरेप हुआ था.

सुप्रीम कोर्ट इस मामले में शुक्रवार को चार दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी. इससे पहले दिल्ली हाइकोर्ट ने दोषियों के खिलाफ मौत की सजा सुनाई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी.

निर्भया कांड में सितंबर 2013 में 4 दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई थी, इसे दिल्ली हाइकोर्ट ने 2014 में बरकरार रखा. इनमें से एक आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल के अंदर ही फांसी लगा ली थी. जबकि एक और दोषी नाबालिग होने के कारण अपनी तीन साल की सुधारगृह की सजा पूरी कर रिहा चुका है.

दिल्ली पुलिस ने दोषियों को मौत की सजा सुनाई जाने मांग की थी. जबकि बचाव पक्ष के वकील का कहना है कि गरीब पारिवारिक पृष्ठभूमि के होने और युवा होने की वजह से नरमी बरती जानी चाहिए.

कई दिनों तक चली सुनवाई के बाद इस साल 27 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

गौरतलब है कि चारों दोषियों के खिलाफ सुनवाई 4 अप्रैल, 2016 को शुरू हुई थी. 13 मार्च, 2014 को मुकेश, पवन, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर ने दिल्ली हाइकोर्ट की मौत की सजा को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी थी.

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