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दिल्ली में ओजोन गैस का लेवल खतरनाक स्तर तक पहुंचा

जैसे ही तापमान 40 डिग्री को पार करता है गाड़ियों से निकलने वाला हाइड्रोकार्बन हवा में मिल कर ओजोन गैस बनाने लगता है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh | Published On: May 17, 2017 04:57 PM IST | Updated On: May 17, 2017 04:57 PM IST

दिल्ली में ओजोन गैस का लेवल खतरनाक स्तर तक पहुंचा

दिल्ली में गर्मी और प्रदूषण की वजह से हवा में ओजोन गैस खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है. दिल्ली के कई इलाकों में ओजोन का स्तर मानक से अधिक पाया गया है.

कितना जहर घुला है हर सांस में?

मानकों के तहत हवा में ओजोन का स्तर 100 एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) से अधिक नहीं होना चाहिए. जबकि, दिल्ली में इस वक्त ओजोन का स्तर 190 एक्यूआई के करीब आ गया है.

शाम के वक्त वाहनों से निकल रहे प्रदूषण से हवा और जहरीली हो गई है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि वाहनों की वजह से प्रदूषण के स्तर में काफी बढ़ोतरी हुई है.

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट के मुताबिक दिल्ली की हवा में अभी पहले से अधिक प्रदूषण है. गाड़ियों से निकलने वाले धुएं में हाइड्रोकार्बन मौजूद रहते हैं. जैसे ही तापमान 40 डिग्री को पार करता है यह हवा में मिल कर ओजोन गैस बनाने लगता है.

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सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट के मुताबिक आने वाले तीन दिनों में दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में और तेजी दर्ज की जाएगी.

दिल्ली में प्रदूषण के स्तर पर काम करने वाली संस्था सफर की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार तक हवा में पीएम की मात्रा 240 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच जाएगी. जबकि हवा में इसका स्तर 100 से अधिक माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए.

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मौजूदा हालात में दिल्ली की आबोहवा दूषित हो गई है. दिल्ली में इस समय सांस से जुड़ी समस्या से परेशान लोगों के लिए मौसम जानलेवा साबित हो रहा है.

दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से पीएम 2.5 का औसत स्तर 102 एमजीसीएम दर्ज किया गया है. पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 होता है. पीएम 10 का औसत स्तर 216 दर्ज हुआ है. पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 होता है.

वायु प्रदूषण से हो रही हैं लाखों मौतें

हम आपको बता दें कि भारत में वायु प्रदूषण से सालाना लगभग 12 लाख लोगों की मौत होती है. दुनिया भर में लगभग 55 लाख लोगों की मौत वायु प्रदूषण के कारण होती है.

स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2017 की रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि प्रदूषण की वजह से मौतों के मामले में भारत चीन के करीब पहुंचने वाला है.

रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि दुनिया के 10 सबसे अधिक जनसंख्या वाले देशों, यूरोपीय संघ और बांग्लादेश में पीएम 2.5 का स्तर सबसे ज्यादा है.

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रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में ओजोन की वजह से मौतों में लगभग 60 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है. भारत में यह आंकड़ा लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है.

एंवायरमेंटल साइंस एंड पॉल्यूशन रिसर्च जनरल(ईएसपीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2015 में दिल्ली में वायु प्रदूषण से 48 हजार 651 लोगों की मौत हई. वहीं सात लाख लोग वायु प्रदूषण की वजह से विभिन्न रोगों के शिकार हुए. दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में इस वक्त लाखों मरीज वायु प्रदूषण की समस्या से ग्रस्त हैं.

डॉक्टरों का मानना है कि वायु प्रदूषण की वजह से शारीरिक विकृति में भी काफी तेजी आई है. तेजी से फैलने वाले शारीरिक विकृति में भारत का नंबर विश्व में तीसरा हो गया है. भारत से ऊपर सिर्फ बांग्लादेश और पाकिस्तान है.

वायु प्रदूषण से निपटने के लिए क्या कर रही है सरकार?

नीति आयोग ने प्रदूषण के स्तर कम करने के लिए पांच सूत्री एजेंडा बनाया है. नीति आयोग जल्द ही कुछ उपायों पर अमल करने जा रही है.

इन उपायों में पेट्रोल-डीजल पर अधिक टैक्स, उच्च पार्किंग दर, कोयला आधारित बिजली संयत्रों को बंद करना, बैटरी से चलने वाले वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की बात शामिल है.

दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण पर पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण(ईपीसीए) ने भी सख्त रुख अख्तियार कर लिया है.

ईपीसीए के सदस्य प्रदूषण के रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों का खुद जायजा लेने का निर्णय किया है. ईपीसीए के सदस्य इसकी शुरूआत नोएडा से कर दी है. आने वाले कुछ दिनों में ईपीसीए के सदस्य उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कुछ शहरों का दौरा करने वाली है.

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