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दार्जिलिंग बंद: सीएम ममता ने कहा, जीजेएम का आतंकी संगठनों से नाता

दार्जिलिंग में जारी हिंसा का पर्यटन पर भी बुरा असर पड़ा है

FP Staff | Published On: Jun 17, 2017 03:48 PM IST | Updated On: Jun 17, 2017 08:30 PM IST

दार्जिलिंग बंद: सीएम ममता ने कहा, जीजेएम का आतंकी संगठनों से नाता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) द्वारा की जा रही तोड़-फोड़ की निंदा की और राज्य के उत्तरी पहाड़ी इलाके में हो रही हिंसा को गहरी साजिश करार दिया. इस पहाड़ी इलाके में जीजेएम ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है.

मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह एक गहरी साजिश है. इतने सारे हथियार और लड़ाई के सामान अकेले एक दिन में नहीं आ सकते. यहां अंतरराष्ट्रीय और राज्य की सीमा है. वे संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं. वे केवल बम फेंक रहे हैं. वे गैरकानूनी तरीके से हथियारों और बमों को एकत्र कर रहे हैं.'

बनर्जी ने आरोप लगाया कि जीजेएम का पूर्वोत्तर राज्यों के आतंकी समूहों से संबंध है.

उधर, दार्जिलिंग में जीजेएम के कार्यकर्ताओं की सुरक्षाबलों के साथ झड़प हो गई जिसमें इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) का एक सहायक कमांडेंट गंभीर रूप से घायल हो गया. आईआरबी सूत्रों ने बताया कि झड़प में खुकरी लगने से आईआरबी की दूसरी बटालियन के सहायक कमांडेंट किरण तमांग गंभीर रूप से घायल हो गए.

पहले खबर थी कि उनकी मौत हो गई लेकिन बाद में सीएम बनर्जी ने इस बात से इंकार किया.

उधर, जीजेएम सुप्रीमो बिनय तमांग ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पार्टी के एक जुलूस पर गोली चलाई जिसमें उनकी पार्टी के दो कार्यकर्ताओं की मौत हो गई.

बहरहाल, एडीजी (कानून-व्यवस्था) अनुज शर्मा ने इस आरोप का खंडन किया और कहा कि पुलिस ने कोई गोली नहीं चलाई है. शर्मा ने कहा, 'यह जीजेएम के कार्यकर्ता थे जिन्होंने गोलियां चलाई.'

जीजेएम द्वारा आहूत अनिश्चितकालीन बंद का शनिवार को छठा है. इसके चलते उत्तरी पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बनी हुई है. राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और जीजेएम के बीच चल रहे घमासान के चलते दार्जिलिंग की वादियों में अशांति व्याप्त है.

प्रदर्शनकारी एक जीजेएम विधायक के बेटे को पुलिस द्वारा घर से 'उठाए' जाने और एक अन्य जीजेएम नेता के घर में तोड़फोड़ की घटनाओं के खिलाफ विरोध पर उतरे हैं. स्थिति को काबू में रखने के लिए सेना बुला ली गई है.

जीजेएम के सहायक महासचिव बिनय तमंग ने दावा किया कि पुलिस और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार रात करीब तीन बजे उनके घर में भी उसी प्रकार छापेमारी और तोड़फोड़ की, जैसे दो दिन पहले उन्होंने पार्टी प्रमुख बिमल गुरंग के घर पर की थी. तमंग ने साथ ही दावा किया कि पुलिस ने जीजेएम के विधायक अमर राय के बेटे को भी गिरफ्तार कर लिया है.

अमर राय का कहना है कि उनके बेटे का राजनीति से कोई लेनादेना नहीं है.

तमंग ने एक बयान में कहा, 'हम स्तब्ध हैं कि पिछली रात एक स्थानीय पत्रकार विक्रम राय को गिरफ्तार कर लिया गया. राय कोलकाता के कई मीडिया संस्थानों से जुड़े हैं. वह एक टेलीविजन चैनल के लिए स्ट्रिंगर के रूप में भी काम कर चुके हैं. अगर दार्जिलिंग में स्थानीय पत्रकार तक सुरक्षित नहीं हैं तो कौन हो सकता है.' उन्होंने कहा, 'दार्जिलिंग में आभासी आपातकाल लागू कर दिया गया है.'

तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता देवराज गुरंग ने दावा किया कि जीजेएम समर्थकों ने लेबोंग कार्ट रोड स्थित उनके आवास पर पथराव किया और पेट्रोल बम फेंके. जीजेएम समर्थकों ने कथित तौर पर पंखाबाड़ी में एक स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ता के आवास पर हमला किया और बिजोनबाड़ी में पीडब्ल्यूडी के कार्यालय में आग लगा दी.

दार्जिलिंग में जारी हिंसा का पर्यटन पर भी बुरा असर पड़ा है.

एक रेल अधिकारी के मुताबिक, यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के मद्देनजर दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) की टॉय ट्रेन सेवा भी स्थगित कर दी गई है. जीजेएम ने सरकारी स्कूलों में बांग्ला भाषा को अनिवार्य किए जाने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के फैसले के विरोध में पहाड़ी क्षेत्र दार्जिलिंग एवं कालिम्पोंग जिले में अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है. हालांकि, मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है कि नया नियम पहाड़ी जिलों में नहीं लागू किया जाएगा. इसके बाद भी हड़ताल का आह्वान किया गया है.

(आईएएनएस इनपुट्स के साथ)

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