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पाकिस्तान और चीन साथ-साथ, भारत को कहा सीपीईसी का विरोध बंद करो

भारत चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) का विरोध कर रहा है

FP Staff | Published On: May 14, 2017 09:32 PM IST | Updated On: May 14, 2017 09:33 PM IST

पाकिस्तान और चीन साथ-साथ, भारत को कहा सीपीईसी का विरोध बंद करो

इन दिनों चीन में बेल्ट एंड रोड फोरम की बैठक हो रही है, जिसका भारत ने बहिष्कार किया है. भारत चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) का विरोध कर रहा है.

इसे लेकर भारत पर कटाक्ष करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि सीपीईसी परियोजना अरबों डॉलर की है, यह परियोजना क्षेत्र के सभी देशों के लिए खुली है और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए.

सीपीईसी को लेकर अपनी चिंताओं की वजह से भारत इस शिखर बैठक में शामिल नहीं हुआ है. फोरम की बैठक के उद्घाटन सत्र में शरीफ ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सीपीईसी एक आर्थिक उपक्रम है जो क्षेत्र में सभी देशों के लिए खुला है. इसकी कोई भौगोलिक सीमा नहीं है. इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए.

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सीपीईसी को चीन के एक क्षेत्र एवं एक मार्ग (ओबीओआर) पहल की प्रमुख परियोजना करार देते हुए शरीफ ने कहा कि ओबीओआर इस बात को दर्शाता है कि भू-अर्थशास्त्र को भू-राजनीति पर तवज्जो मिलनी चाहिए और देशों का फोकस टकराव से सहयोग की तरफ जाना चाहिए. हम इसे आतंकवाद और चरमपंथ से निजात पाने के रास्ते के तौर पर देखते है.

शरीफ ने कहा कि सीपीईसी का क्रियान्वयन करने में चीन और पाकिस्तान आर्थिक समृद्धि के लिए न सिर्फ भौगोलिक स्थिति को ताकत देने का प्रयास कर रहे हैं, बल्कि शांतिपूर्ण, एक दूसरे से जुड़े हुए और ख्याल रखने वाले पड़ोस का निर्माण करने का प्रयास कर रहे हैं.

शरीफ ने कहा कि यह मतभेदों को दूर करने का समय है और कूटनीति के जरिए संघर्षों का समाधान किया जाए. उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए शांति की विरासत छोड़ने की दिशा में सोचना चाहिए.

(साभार: न्यूज़18)

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