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चीन ने फिर धमकाया, कहा दलाई लामा का खेल भारत को पड़ेगा भारी

चीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि अगर भारत ने दलाई लामा का ‘तुच्छ खेल’ खेलना जारी रखा तो उसे इसके लिए बहुत भारी कीमत चुकानी होगी

FP Staff Updated On: Apr 21, 2017 08:36 PM IST

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चीन ने फिर धमकाया, कहा दलाई लामा का खेल भारत को पड़ेगा भारी

दलाई लामा की भारत यात्रा से तिलमिलाए चीन ने अब पलट कर भारत को चेतावनी दी है. चीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि अगर भारत ने दलाई लामा का ‘तुच्छ खेल’ खेलना जारी रखा तो उसे इसके लिए बहुत भारी कीमत चुकानी होगी.

चीन ने पिछले दिनों, भारत के राज्य अरुणाचल प्रदेश के कुछ शहरों के नाम बदले थे. माना जा रहा है उसने ये हरकत दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा से नाखुश होकर की. नाम बदलने के इस मामले पर गुरुवार को भारत ने कड़ा विरोध जताया था.

भारत खेल रहा है दलाई कार्ड

अब चीन ने भारत की स्पष्ट प्रतिक्रिया को ‘बेतुका’ कहकर खारिज किया है. चीन के सरकारी ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में इन आरोपों को बेतुकी टिप्पणी करार दिया. 'भारत खेल रहा है दलाई कार्ड, चीन के साथ क्षेत्रीय विवाद बदतर हुआ’ शीर्षक से छपे इस लेख में कहा गया है कि भारत को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए कि क्यों चीन ने इस बार दक्षिण तिब्बत (अरुणाचल) में मानकीकृत नामों का ऐलान किया.

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दैनिक कहता है कि दलाई लामा का कार्ड खेलना नई दिल्ली के लिए कभी भी अक्लमंदी भरा चयन नहीं रहा है. इसमें कहा गया है कि अगर भारत ये तुच्छ खेल जारी रखना चाहता है तो ये उसके लिए सिर्फ भारी कीमत चुकाने के साथ ही खत्म होगा. उसमें कहा गया है कि दक्षिण तिब्बत ऐतिहासिक रूप से चीन का हिस्सा रहा है और वहां के नाम स्थानीय जातिय संस्कृति का हिस्सा हैं. चीनी सरकार के लिए स्थानों के मानकीकृत नाम रखना जायज है.

'चीन के पास नाम बदलने का कानूनी अधिकार'

चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिण तिब्बत है. अब चीन ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश के छह स्थानों को मानकीकृत आधिकारिक नाम देना उसका कानूनी अधिकार है.

भारत के अरुणाचल प्रदेश को अपना अभिन्न अंग बताने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा कि भारत-चीन सीमा के पूर्वी हिस्से पर चीन की स्थिति स्पष्ट और एक समान है. उन्होंने कहा कि जातीय मोमबा और तिब्बती चीनियों द्वारा प्रासंगिक नामों का इस्तेमाल किया जाता रहा है जो यहां पीढ़ियों से रहते हैं. ये एक तथ्य है जिसे बदला नहीं जा सकता है.

उन्होंने कहा कि इन नामों को मानकीकृत करना और उनका प्रसार करना हमारे कानूनी अधिकार पर आधारित सही तरीका है. लु ने भारत के इस आरोप का भी विरोध किया कि चीन क्षेत्र पर अपने क्षेत्रीय दावे को वैध करने के लिए नामों को गढ़ रहा है.

चीन ने 19 अप्रैल को ऐलान किया था कि उसने भारत के पूर्वोत्तरी राज्य के छह स्थानों को आधिकारिक नाम दिया है. इसके साथ ही उसने उकसावे वाले इस कदम को वैध कार्रवाई करार दिया था. भारत ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा था कि पड़ोसियों के शहरों को गढ़े हुए नाम देने से अवैध क्षेत्रीय दावे वैध नहीं हो जाते हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने ये भी कहा था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है.

(साभार न्यूज 18)

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