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चाइल्ड इंश्योरेंस: 5 झूठी बातें जो सच लगती हैं

जितनी जल्दी आप निवेश करना शुरु करेंगे, लंबी अवधि में लाभ भी उतने बेहतर होंगे

Yashish Dahiya Yashish Dahiya | Published On: May 14, 2017 10:54 PM IST | Updated On: May 14, 2017 10:54 PM IST

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चाइल्ड इंश्योरेंस: 5 झूठी बातें जो सच लगती हैं

अभिभावक होने के नाते, आपका बच्चा आपकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. इसलिए एक चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान में निवेश करना सही दिशा में उठाया गया कदम होगा. इससे आपके बच्चे के भविष्य की आर्थिक जरूरतें पूरी हो सकेंगी. इस निवेश से आपके बच्चे के जीवन के प्रमुख पड़ावों पर निश्चित राशि मिलती रहेगी. लेकिन, इससे पहले की आप सही प्लान का चुनाव करें, हम यहां आपको चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान्स से जुड़ी 5 गलत धारणाओं के बारे में बताएंगे.

कल्पना 1: एक चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान में आपके बच्चे के जीवन की सुरक्षा शामिल होती है

असलियत: आमतौर पर, एक चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान में अभिभावक यानि पेरेंट्स की जीवन सुरक्षा शामिल होती है. किसी अनहोनी या फिर माता-पिता की असमय मौत होने पर बच्चा नॉमिनी होता है.

एक चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान खरीदने से लगतार बढ़ता शिक्षा खर्च और आपके बच्चे की अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है.

कल्पना 2: आपकी अचानक मौत होने पर आपके बच्चे को प्रीमियम भुगतान करना होगा

असलियत: आपकी अचानक मौत होने पर बीमा कंपनी नॉमिनी को एकमुश्त राशि भुगतान करती है. आमतौर पर यह पॉलिसी अभिभावक की अचानक मौत होने पर बंद नहीं होती. अधिकतर बीमा कंपनियां पॉलिसी खरीदे जाने के समय ‘प्रिमियम में छूट’ का राइडर (टॉपअप/अतिरिक्त सुविधा) देती हैं. ऐसे में आपके ना होने पर बच्चे को आगे कोई भी प्रीमियम चुकाना नहीं पड़ेगा. बच्चे की तरफ से कंपनी आगे के सभी प्रीमियम खुद ही चुकाएगी.

कल्पना 3: भुगतान तभी होते हैं जब आपका बच्चा उच्च शिक्षा के लिए जाए या फिर अगर उनकी शादी होती है.

असलियत: अगर आपका बच्चा आगे पढ़ाई ना करना चाहे या जल्दी शादी ना करना चाहे, तब भी वह दावा पेश कर सकता/सकती है. एक चाइल्ड प्लान का उद्देश्य आपके बच्चे के भविष्य को सुरक्षित बनाना है, जिसके लिए तय तारीख पर भुगतान राशि उपलब्ध कराई जाती है. इसलिए, चाहे यह निवेश किसी भी उद्देश्य के लिए किया गया हो, पॉलिसी की अवधि पूरी होने पर दावा जरूर किया जा सकता है.

कल्पना 4: प्लान के समाप्त होने पर ही आप पेआउट यानि भुगतान प्राप्त कर सकते हैं.

असलियत: पेआउट यानी भुगतान के लिए आपको प्लान के समाप्त होने तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है. वास्तव में चाइल्ड यूलिप में पॉलिसी शुरु होने की तारीख के बाद से 5 वर्ष पूरे होने पर फंड वैल्यू का एक निश्चित प्रतिशत निकालने की अनुमति मिलती है.

आपकी अचानक मौत होने पर, बीमाकर्ता कंपनी आपकी यूलिप बंद कर देगी और धनराशि का भगुतान आपके बच्चे को करेगी.

कल्पना 5: आपका चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान सिर्फ बीमा की सेवा देता है

असलियत: आपका चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान एक निवेश के रूप में भी काम करता है. कम आयु में एक चाइल्ड प्लान में निवेश करने पर आपको बेहतर लाभ मिलता है, जो कि जरूरत पड़ने पर काफी मददगार होंगे.

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान चुनने से समय के साथ आपके पैसों में भी वृद्धि होगी, क्योंकि आपके बच्चे को उस समय तुरंत किसी राशि की जरूरत नहीं होती.

मुझे उम्मीद है कि मैं चाइल्ड इंश्योरेंस से जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करने में सफल रहा हूं. जब आपको लगे कि वक्त आ गया है, तब एक चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान खरीदें. चाहे वो आपके बच्चे के जन्म के दिन हो या फिर जब आपका बच्चा स्कूल में पहला कदम रखे. जितनी जल्दी आप निवेश करना शुरु करेंगे, लंबी अवधि में लाभ भी उतने बेहतर होंगे.

(लेखक पॉलिसीबाज़ार.कॉम के सीईओ एवं सह-संस्थापक हैं)

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