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गोहत्या विवाद : मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद 97% बढ़े हमले

इंडिया स्पेंड ने रिसर्च कर देश भर में गायों से जुड़े विवाद में हुए हमलों के आंकड़ों का पता लगाया है

Manish Kumar Manish Kumar Updated On: Jun 28, 2017 04:16 PM IST

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गोहत्या विवाद : मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद 97% बढ़े हमले

गाय से जुड़े विवाद को लेकर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा के मामलों में हाल के समय में काफी बढ़ोतरी हुई है. 2010 से लेकर 2017 तक लगभग आठ साल के दौरान इस तरह की हिंसा के शिकार 51 फीसदी मुसलमान हुए. 63 ऐसी वारदातों में हुई 28 लोगों की मौत में उनकी हिस्सेदारी 86 फीसदी है. अंग्रेजी कंटेंट प्रोवाइडर इंडिया स्पेंड ने अध्ययन कर इस बात का पता लगाया है.

इनमें से लगभग 97 फीसदी हमले तब हुए आए जब मई, 2014 में देश में नरेंद्र मोदी की सरकार बनी. गायों से संबंधित 63 हिंसक झड़पों में से लगभग आधे, 32 मामले बीजेपी द्वारा शासित राज्यों में हुई. इंडिया स्पेंड के 25 जून, 2017 तक के किए अध्ययन में यह बात सामने आई है.

इन सात सालों के दौरान जिन 28 भारतीयों की जान गई उनमें से 24 मुसलमान थे. इन हमलों में 124 लोग भी जख्मी हुए. अध्ययन में यह भी पता चला कि, आधे से अधिक (52 फीसदी) हमले मात्र अफवाह फैलने से हुए.

राष्ट्रीय और राज्यों द्वारा जारी अपराध के आंकड़े गायों से जुड़े हमले और पीटकर मार डालने की घटना में फर्क नहीं करते. इसलिए इंडिया स्पेंड ने पहली बार अध्ययन कर इन आंकड़ों का पता लगाया है जिसे लेकर पूरे देश में बहस जारी है.

Rescued cattle

गायों से जुड़े विवाद और हमले के सबसे अधिक मामले बीजेपी शासित प्रदेशों में हुए हैं

गायों से जुड़े हिंसा के लिए 2017 सबसे खराब साल

2017 के शुरू के छह महीने के दौरान गायों से जुड़े हमले के 20 मामले सामने आए. यह 2016 के आंकड़ों से 75 फीसदी अधिक है, जो इस तरह के हमले के लिए 2010 के बाद से सबसे खराब साल रहा था.

इन हमलों में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डालना, गोरक्षकों द्वारा हमला, हत्या या हत्या की कोशिश, परेशान करना, उत्पीड़न और गैंगरेप शामिल है. ऐसे ही दो मामले में पीड़ितों को जंजीरों से बांधकर मारा-पीटा गया. जबकि, दो अन्य मामले में पीड़ितों को फांसी पर लटका दिया गया.

ऐसी वारदातों को अक्सर सोशल मीडिया पर यूजर्स ने 'गौतंकवाद' का नाम दिया. इस तरह की घटनाएं देश के 29 में से 19 राज्यों में सामने आई. उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा (10), हरियाणा (9), गुजरात (6), कर्नाटक (6), मध्य प्रदेश (4), दिल्ली (4) और राजस्थान (4) में मामले सामने आए.

दक्षिण और पूर्व के राज्यों में 21 फीसदी (63 में 13) से भी कम ऐसे मामले सामने आए. इनमें से भी लगभग आधे (6) मामले कर्नाटक में हुए. पूर्वोत्तर में ऐसी केवल एक घटना में 30 अप्रैल, 2017 को असम में दो लोगों को मार डाला गया था.

जिन राज्यों में गायों से जुड़ी हिंसा और हमले की खबरें आई उनमें से लगभग आधे में बीजेपी की सरकार है. कांग्रेस शासित राज्यों में 8 घटनाएं हुईं. जबकि, बाकी दूसरे पार्टियों की सरकार वाले राज्यों में हुई जिनमें समाजवादी पार्टी (यूपी), पीडीपी (जम्मू-कश्मीर) और आम आदमी पार्टी (दिल्ली) शामिल है.

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