S M L

वरुण गांधी ने बड़े उद्योग घरानों की कर्ज माफी पर खड़ा किया सवाल

विदेशों की पूंजी निवेश से हमारा देश कभी महान नहीं बन सकता

Bhasha | Published On: May 18, 2017 01:56 PM IST | Updated On: May 18, 2017 01:56 PM IST

0
वरुण गांधी ने बड़े उद्योग घरानों की कर्ज माफी पर खड़ा किया सवाल

भाजपा सांसद वरुण गांधी ने बड़े उद्योग घरानों की कर्ज माफी पर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने देश में भारी आर्थिक असमानता और कर्ज में डूबे किसानों की हो रही आत्महत्या पर दुख भी जताया.

सुल्तानपुर से सांसद वरुण गांधी इलाहाबाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित 'न्याय का वास्तविक अर्थ' संगोष्ठी में मौजूद थे.

संगोष्ठी में बोलते हुए उन्होंने कहा कि साल 2001 से अब तक देश में अलग अलग सरकारों ने करीब तीन लाख करोड़ रूपये का कर्ज माफ किया है. इसमें से दो लाख करोड़ रूपये से ज्यादा का कर्ज देश की 30 बड़ी उद्योग घरानों पर बकाया था.

उन्होंने कहा कि आज देश की एक प्रतिशत आबादी का आधे से अधिक संसाधनों पर नियंत्रण है.

देश की एक तिहाई से ज्यादा की आबादी अब भी गरीबी रेखा से नीचे जीवन जीने को मजबूर है. करीब 90 लाख बच्चे अपना पेट चलाने के लिए मजदूरी कर रहें हैं. क्या हम इसे न्याय कह सकते हैं,ऐसी स्थिति में न्याय की बात करना खोखली सी प्रतीत होती है.

वरुण ने नई दिल्ली में जंतर मंतर पर तमिलनाडु के किसानें के विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा कि तीन साल पहले मैंने संकल्प लिया था कि मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में किसानों को आत्महत्या नहीं करने दूंगा.

सुल्तानपुर सांसद ने जानकारी दी की  मैंने फंडिंग के जरिये 22 करोड़ रूपये जुटाए. इसके अलावा अपने कोष से दो करोड़ रूपये का योगदान भी किया. इस रकम से हमलोगों ने 4,000 से अधिक किसानों की कर्ज अदायगी कर उनकी मदद की.

वरूण गांधी ने कहा कि भारत तभी महान बनेगा जब गरीब से गरीब व्यक्ति को उसका हक मिलेगा. विदेशों की पूंजी निवेश से हमारा देश कभी महान नहीं बन सकता.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi