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आदित्य हत्याकांड: बिंदी यादव के बाहुबलि बनने की कहानी बड़ी दिलचस्प है

आदित्य हत्याकांड में मुख्य आरोपी रॉकी यादव के पिता का आपराधिक साम्राज्य गया और उसके आस-पास के जिलों में फैल हुआ है

FP Staff Updated On: Aug 31, 2017 01:41 PM IST

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आदित्य हत्याकांड: बिंदी यादव के बाहुबलि बनने की कहानी बड़ी दिलचस्प है

2016 के मई महीने में बिहार के गया जिले में एक चर्चित रोडरेज केस हुआ था. इस केस में ओवरटेकिंग विवाद में रॉकी यादव नाम के एक युवक और उसके साथियों ने आदित्य सचदेवा नाम के एक छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

छात्र की इस हत्या का मामला मीडिया में खूब उछला. जब मामला राष्ट्रीय मीडिया में पहुंचा तो घटना के आरोपी रॉकी यादव के पिता बिंदी यादव का नाम भी लोगों ने सुना. और फिर एक बाद एक कई ऐसी रिपोर्ट्स आईं थीं जिनमें यह जानकारी दी गई कि आखिर रॉकी यादव में जरा सी बात पर किसी की गोली मारकर हत्या कर देने का साहस कहां से आया था.

दरअसल रॉकी यादव का पिता बिंदेश्वरी यादव गया और उसके आस-पास इलाकों में बाहुबलि छवि का माना जाता है. बिंदेश्वरी उर्फ बिंदी की कहानी भी बेहद दिलचस्प है.

साइकिल चोरी में पकड़ा गया था बिंदी 

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक 80 के दशक बिंदी यादव मामूली अपराधी के रूप में जाना जाता था. कहा जाता है कि उस समय साइकिल चोरी के आरोप पकड़ा गया था. यहीं उसे एक और अपराधी बच्चू यादव का साथ मिला और फिर उसके बाद उसने अपराध की दुनिया में अपने पैर पसारने शुरू किए. अगले कुछ सालों में दोनों ने मिलकर कई बड़ी आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया. लोकल इलाकों में इन्हें बिंदी-बच्चुआ के नाम से जाना जाता था.

बिहार में लालू यादव की आरजेडी सरकार के समय में बिंदी यादव अपराध की दुनिया में खूब फला-फूला

बिहार में लालू यादव की आरजेडी सरकार के समय में बिंदी यादव अपराध की दुनिया में खूब फला-फूला

इसके बाद लालू यादव की सरकार बनी तो बिंदी यादव ने आरजेडी ज्वाइन की और अपराध और राजनीति का इस्तेमाल साथ करना शुरू किया. आरजेडी के समर्थन से 2001 में वो गया जिला परिषद का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया और 2006 तक इस पद पर रहा.

बिंदी यादव ने 2005 विधानसभा चुनाव में भी हाथ आजमाया था लेकिन यहां उसे हार नसीब हुई. 2010 में भी उसे हार मिली. उस समय उस पर हलफनामे के अनुसार 18 आपराधिक मामले थे.

2011 में लालू की लुटिया डूबती देख उसने नीतीश कुमार की जेडीयू का दामन थामा. 2011 में जब बिंदी की गिरफ्तारी हुई तो उसके कब्जे से एक एके-47 और चार हजार कारतूस बरामद हुए.

बीते महीने बिहार के दैनिक अखबार प्रभात खबर में प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में बिंदी यादव पर राजद्रोह का मुकदमा चल रहा है.

बेहिसाब संपत्ति का मालिक है बिंदी यादव

बीते तीन दशक में राजनीति और अपराध के गठजोड़ की बदौलत बिंदी यादव ने बेहिसाब संपत्ति बनाई है. उसके पास अपने मॉल, होटेल्स, गया, बोध गया, दिल्ली और उससे सटे इलाकों में 15 पेट्रोल पंप्स हैं. साथ ही उसकी रोड, कंस्ट्रक्शन और शराब के बिजनेस में भी हिस्सेदारी है.

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