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‘बैकलॉग’ न्यायपालिका के लिए बड़ी मुसीबत: सुप्रीम कोर्ट के जज

देश के विभिन्न हाईकोर्ट में उपलब्ध 900 सीटों में लगभग 250 खाली हैं. जिला और उपसंभागीय स्तरों पर मंजूर 18000 अदालतों में करीब 15000 अदालतें ही काम कर रही हैं

Bhasha Updated On: Oct 29, 2017 11:13 AM IST

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‘बैकलॉग’ न्यायपालिका के लिए बड़ी मुसीबत: सुप्रीम कोर्ट के जज

सुप्रीम कोर्ट के जज रंजन गोगोई ने शनिवार को कहा कि ‘बैकलॉग’ देश की न्याय प्रणाली के लिए बहुत बड़ी मुसीबत बनी हुई है. इससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में बड़ी बदनामी हुई है.

गुवाहाटी में जस्टिस गोगोई नार्थ इस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज की ओर से आयोजित जस्टिस के एन. सैकिया स्मृति व्याख्यान दे रहे थे. उन्होंने कहा, ‘देश के विभिन्न हाईकोर्ट में उपलब्ध 900 सीटों में लगभग 250 खाली हैं. जिला और उप-संभागीय स्तरों पर मंजूर 18000 अदालतों में लगभग 15000 अदालतें ही काम कर रही हैं.’

उन्होंने बताया कि जिला और अधीनस्थ अदालतों में 2.68 करोड़ मामले लंबित पड़े हैं.

राष्ट्रपति कोविंद ने भी जताई थी चिंता 

इससे पहले, शनिवार को केरल में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी इस पर अपनी चिंता जताई थी. राष्ट्रपति ने कहा, ‘हमारे देश में निर्णय देने में विलंब होना चिंता की बात है. हमारे समाज में सबसे गरीब और सबसे वंचित लोग न्याय में देरी के पीड़ितों में शामिल है. हमें मामलों के जल्द निस्तारण को सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र बनाए जाने की जरूरत है.’

राष्ट्रपति ने कहा, ‘अदालत की कार्यवाही को लंबा खींचने की रणनीति के बजाए हम सभी उस नजरिए पर विचार कर सकते हैं जिसमें एक आपात स्थिति में स्थगन को अपवाद बनाया जा सके.’

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