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दार्जिलिंग में हिंसक प्रदर्शन और आगजनी के बाद सेना तैनात

जीजेएम कार्यकर्ता पहाड़ी इलाकों के स्कूलों में बंगाली भाषा ‘थोपने’ का विरोध कर रहे थे

Bhasha Updated On: Jun 09, 2017 10:40 AM IST

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दार्जिलिंग में हिंसक प्रदर्शन और आगजनी के बाद सेना तैनात

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) समर्थकों की पुलिस के साथ हुई भिड़ंत के बाद गुरूवार को दार्जिलिंग में सेना तैनात कर दी गयी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरूवार को दार्जिलिंग कैबिनेट की बैठक कर रही थी तभी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की और कई को आग के हवाले कर दिया.

जीजेएम कार्यकर्ता पहाड़ी इलाकों के स्कूलों में बंगाली भाषा ‘थोपने’ का विरोध कर रहे थे. इससे पहले पुलिस ने कैबिनेट बैठक की जगह जाने की कोशिश कर रहे जीजेएम समर्थकों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े.

इस मौसम में दार्जिलिंग में पर्यटकों की भारी भीड़ होती है ऐसे में उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

कैबिनेट की बैठक के दौरान शुरू  हुई हिंसा

ताजा हिंसा दोपहर उस वक्त भड़की जब बिमल गुरंग के नेतृत्व वाली इस पार्टी ने गुरूवार को राजभवन तक विरोध मार्च का आह्वान किया. राजभवन में उस वक्त कैबिनेट की बैठक चल रही थी.

जीजेएम समर्थकों ने पुलिस द्वारा खड़े किये गये बैरीकेड तोड़ने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया. पुलिस सूत्रों ने कहा कि उन्होंने पुलिस की कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया और कुछ वाहनों में आग भी लगा दी. इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी हुए हैं.

प्रदर्शनकारियों से निपटने को सरकार ने मांगी सेना से मदद

सेना के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘प्रदेश सरकार ने सेना से मदद मांगी है. दार्जिलिंग में स्थित सेना की दो टुकड़ियों (प्रत्येक में 80 जवान) को भेजा गया है.’ प्रदर्शनकारी स्कूलों में बांग्ला भाषा 'अनिवार्य' किये जाने समेत कई मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री दार्जिलिंग में कैबिनेट बैठक कर रही हैं. बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार यहां नया सचिवालय बनाएगी. जीजेएम समर्थकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की. कई जगहों पर मॉल समेत दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और सड़कों पर यातायात भी ठप हो गया जिससे पर्यटकों को भारी असुविधा हुई.

'सत्ता के लिए लोगों को बांटती हैं ममता'

जीजेएम ने तृणमूल कांग्रेस पर अपनी ‘फूट डालो राज करो की नीति’ के तहत दार्जिलिंग में शांतिभंग करने की कोशिश का आरोप लगाया और शुक्रवार को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है.

जीजेएम महासचिव रोशन गिरि ने पीटीआई से कहा, ‘टीएमसी व्यवस्थित तरीके से पुलिस और अपने गुंडों का इस्तेमाल कर पहाड़ों पर शांति भंग कर रही है. गुरूवार को पुलिस ने बिना उकसावे के लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े’.

'कोई मुद्दा नहीं हैं उनके पास'

वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जीजेएम के प्रदर्शन पर कहा, ‘उनके पास प्रदर्शन का लोकतांत्रिक अधिकार है. लेकिन उनके पास कोई मुद्दा नहीं है. विकास के लिये प्रतिस्पर्धा होने दीजिये.’ ममता ने कहा कि बांग्ला भाषा को स्कूलों में अनिवार्य विषय नहीं बनाया गया है.

माकपा के प्रदेश सचिव सूर्यकांत मिश्रा ने कहा, ‘पहाड़ पर स्थिति चिंता का विषय है.’ वहीं विधानसभा में नेता विपक्ष अब्दुल मन्नान ने ममता बनर्जी पर झूठा वादा कर पहाड़ी लोगों से धोखा करने का आरोप लगाया.

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