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अपने कारोबार को वैध बनाने में जुटा अंडरवर्ल्ड डॉन

दाऊद के कारोबार का कुछ हिस्सा कानूनन वैध भी है

Shantanu Guha Ray Updated On: Jun 17, 2017 06:26 PM IST

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अपने कारोबार को वैध बनाने में जुटा अंडरवर्ल्ड डॉन

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, दाऊद इब्राहिम करीब-करीब मर चुका है. लेकिन उसके सहयोगियों की गतिविधियों को उसकी सेहत का पैमाना माने तो भारत का मोस्ट वांटेड डॉन अपने कराची के घर में चैन से बैठा है.

लंबे समय से उसके साथ रहे मुंबई के अमजद लंगड़ा ने शनिवार को अपनी बेटी की शादी बड़े धूमधाम से की. दिल्ली और मुंबई के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है. दूसरी बात, दुनिया में प्रतिबंधित चीजों की आवाजाही में कोई कमी नहीं आई है.

क्याें बढ़ रहा है डॉन का अकेलापन?

आखिरी बात यह कि मुंबई के डोंगरी इलाके में शोक जैसी कोई चीज नहीं दिखती. भारत से दुबई भागने से पहले डोंगरी ही दाऊद इब्राहिम का घर था. सूत्रों का दावा है कि शीर्ष स्तर पर डॉन के लिए अकेलापन बढ़ता जा रहा है.

उसके लिए किसी नए चेहरे पर भरोसा करना मुश्किल है. उसके लिए एकमात्र राहत उसके पुराने सहयोगी हैं जो अब तक उसके साथ हैं. डॉन के लिए भी उन पर भरोसा करने के अलावा विकल्प बहुत सीमित हैं.

वह नए लोगों को खुद से दूर रखता है. नए नौकरों और सिंडीकेट के सदस्यों की पहचान के लिए एक सख्त प्रक्रिया है. छोटा शकील और टाइगर मेमन पार्टनरशिप और डील तय करते हैं. सुरक्षा गार्ड सावधानी से चुने जाते हैं.

क्यों डर रहा है डॉन?

भारतीय खुफिया अधिकारियों का मानना है कि दाऊद को डर है कि कहीं भारतीय जासूस उसके सिंडिकेट में घुसपैठ न कर चुके हों. अापराधिक गैंग के सदस्यों पर भी कड़ी नजर रखी जाती है ताकि वे कोई समझौता न करें. बहुत से लोगों का मानना है कि उसका डर अजीत डोभाल के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनने के बाद और बढ़ गया.

इस बीच राजधानी दिली में बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया कि उनके बीजिंग के सूत्रों ने दाऊद को एक अस्पताल से कृत्रिम जयपुरिया जूते लेते हुए देखा और उन्होंने कुछ और जानकारी मांगी है.

यह पूछने पर कि क्या उनके पास शेयर करने के लिए कोई और अहम खबर है, स्वामी ने जवाब दिया, 'मेरे पास मेरे ट्वीट अलावा कुछ भी कहने के लिए नहीं है.'

आखिर कहां से ऑपरेट कर रहा है दाऊद?

लेकिन सूत्रों का कहना है कि दाऊद अब भी कराची से ऑपरेट कर रहा है और अपने दोस्त से दुश्मन बने अली बुधेश के कारोबार को हथियाने में जुटा है. सूत्रों ने बताया, 'कभी उसके करीबी दोस्तों में रहे, लेकिन अब दुश्मन बन गए.

अली बुधेश की बहरीन के एक अस्पताल में लगभग मौत जैसी हालत ने उसे और ताकत दे दी है. अली बुधेश अली बाबा, एबी भाई, बाबा बुधेश जैसे नामों से ऑपरेट करता था. एक साल पहले उसका ऑपरेशन हुआ, लेकिन नाकाम रहा. वह बहरीन के एक सैनिक अस्पताल में है, और अपना साम्राज्य चलाने में पूरी तरह अपंग हो गया है.

कौन था बुधेश?

बुधेश कभी दाऊद के साथ मिलकर काम करता था, लेकिन शाही परिवार के कुछ एहसानों के बदले दुबई के शेख को उपहार में एक रोल्स रॉयस देने के वादे से मुकरने की वजह से वह दाऊद से अलग हो गया था.

आखिरकार बुधेश ने दुबई के शासक के लिए रोल्स रॉयस खरीदी, लेकिन दाऊद के साथ इसके हिंसक नतीज निकले. सूत्रों के मुताबिक, बुधेश ने तीन मौकों पर दाऊद को मारने की कोशिश की, लेकिन हर बार नाकाम रहा.

फिर भी वह दाऊद के कुछ व्यवसायों में सेंधमारी करने में कामयाब रहा. यहां तक कि उसने दाऊद के भाई अनीस को दुबई, शारजाह और बहरीन में नशीली दवाओं के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंचवा दिया.

सूत्रों ने बताया, 'बुधेश ने दाऊद से मुक्ति पाने के लिए अरुण गवली और बलबू श्रीवास्तव के साथ मिलकर काम करने की कोशिश भी की. लेकिन तब तक डॉन क्लिफ्टन कॉलोनी की सफेद रंग की मोइन पैलेस इमारत में शिफ्ट हो गया था.'

डॉन को मारने की हर कोशिश नाकाम

जुलाई 2001 में सांसद फूलन देवी की हत्या के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद शेर सिंह राणा ने भी दाऊद को मारने की कोशिश की थी. राणा को दाऊद की हत्या के लिए सुभाष ठाकुर ने पैसे दिए थे.

राणा ने खैबर हाईवे के पास डेरा डाला. डॉन हीरे और हथियारों के कारोबार के सिलसिले में रूसी माफिया से अज्ञात जगहों पर मिलने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करता था.

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लेकिन जब भी राणा ने दाऊद के काफिले को उड़ाना चाहा, ऐन वक्त पर उसे खबर लगती थी कि कार में डॉन नहीं, बल्कि उसकी जगह शकील यात्रा कर रहा है. इस तरह मिशन को तीन बार निरस्त करना पड़ा.

कितना सच है राणा का दावा?

आखिरकार राणा भारत लौट आया और दावा किया कि उसने अफगानिस्तान के गजनी शहर के बाहरी इलाके में दफन हिंदू राजा पृथ्वीराज चौहान की कब्र से अवशेष और रेत खरीद कर लाया है.

उसने उत्तर प्रदेश के इटावा में एक स्मारक भी बनवाया और दावा किया कि इसमें पृथ्वीराज चौहान की निशानियां रखी गई हैं. लेकिन आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) ने उसके दावे को कभी सत्यापित नहीं किया.

शारजाह में आयोजित एक क्रिकेट मैच के दौरान कॉरपोरेट बॉक्स में सिगरेट पीते दाऊद की एक तस्वीर नियमित रूप से भारतीय मीडिया में आती रहती है. लेकिन वह नशे का आदी नहीं है. वह काफी मात्रा में नीबू की काली चाय का सेवन करता है.

पिछले साल मुंबई की अपराध की दुनिया पर 'मुं-भाई' नाम से प्रकाशित किताब में कराची में अपने घर के स्वीमिंग पूल के पास खड़े दाऊद की तस्वीर छपी है.

सूत्रों का दावा है कि दाऊद कुछ वक्त से अपनी टीम को चीन, ब्रिटेन, जर्मनी, स्पेन, मोरक्को, साइप्रस, नेपाल, थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, सिंगापुर, अमेरिका और मध्य-पूर्व के कुछ देशों में वैध तरीके से कारोबार करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.

कितनी है दाऊद की संपत्ति?

एक मोटे अनुमान के मुताबिक अकेले ब्रिटेन में उसकी 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा की संपत्ति है. कहा जाता है कि उसने विभिन्न देशों में 50 से ज्यादा संपत्तियों में निवेश किया है.

उसकी कंपनी सहारा ट्रांसपोर्ट के पास 1,200 ट्रकों का बेड़ा है. इसने सहारा कंसट्रक्शन के साथ मिलकर पाकिस्तान और चीन में खूब पैसे वाला कारोबार खड़ा किया है. दाऊद का फायर गुटका (एक तंबाकू युक्त पान उत्पाद) पाकिस्तान में सबसे ज्यादा बिकने वाला ब्रांड है. यह मध्य-पूर्व में भी बिकता है.

डॉन की दक्षिण अफ्रीका, अंगोला और रूस में हीरा व्यवसाय में भी पैठ है. 2015 में फोर्ब्स ने दाऊद इब्राहिम की संपत्ति 6.7 अरब डॉलर होने का अनुमान लगाया था. सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में डॉन की संपत्ति 10-11 अरब डॉलर के आस-पास है.

सूत्रों ने बताया, 'उसके व्यवसाय का कुछ हिस्सा कानूनन वैध है. अवैध व्यवसाय में नकली मुद्रा, नशीली दवाएं, हवाला कारोबार और छोटे हथियार शामिल हैं. इसे डॉन का विश्वस्त सेनापति छोटा शकील संचालित करता है और यह तेजी से फल-फूल रहा है. बूढ़ा होता दाऊद अब अपने ग्रुप का रोजाना का काम नहीं देखता.'

सूत्रों ने आगे बताया 'वह निश्चित रूप से अपने व्यवसाय के एक बड़े हिस्से को दुबई से हटाकर मध्य-पूर्व के अन्य स्थानों पर शिफ्ट करने की कोशिश कर रहा है.' ऐसा करने के लिए भगोड़े डॉन के पास पर्याप्त कारण भी हैं. जनवरी 2017 में भारत सरकार ने ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सरकार को दुबई में दाऊद की 15,000 करोड़ रुपए की सम्पत्ति जब्त करने के लिए बाध्य किया.

कहां-कहां है दाऊद की संपत्ति?

दाऊद की ज्यादातर संपत्ति बर दुबई, जुमेरा और जुमेरा लेक टावर्स में हैं. पिछले साल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने यूएई के अधिकारियों से दाऊद की संपत्तियों को जब्त करने की मांग की थी.

एक भारतीय टेलीविजन न्यूज चैनल के मुताबिक, डोभाल ने डॉन की संपत्तियों की लिस्ट भी देने की पेशकश की थी. अमेरिका द्वारा दाऊद इब्राहिम को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद यह उठाया गया था.

अमेरिका के मुताबिक, दाऊद का आतंकवादी संगठन अल-कायदा से संबंध हैं और वह पाकिस्तान और अफगानिस्तान से संचालित लश्कर-ए-तैय्यबा और अन्य आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों के लिए फंड मुहैया कराता है.

दो दशकों से अंडरवर्ल्ड की दुनिया पर नजर रखने वाले मुंबई के अपराध संवाददाता विवेक अग्रवाल कहते हैं, 'उस पर बेहद दबाव है. वह खुद को सुरक्षित करने के लिए जीतोड़ कोशिश कर रहा है और अपने साम्राज्य का कुछ हिस्सा अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को सौंप रहा है.'

अग्रवाल वरिष्ठ अपराध संवाददाता बलजीत सिंह परमार के साथ भारत के मोस्ट वांटेड डॉन के जीवन और अपराध पर आधारित अपनी किताब पर काम कर रहे हैं. 'द डॉन आई नोट नाम की इस किताब में कहा गया है कि भारत का मोस्ट वांटेड भगोड़ा अपने कारोबार को वैधता दिलाने के लिए दिन-रात काम कर रहा है. अग्रवाल ने कहा, 'लेकिन खून और अपराध के निशानों को मिटाना आसान नहीं होता.'

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