विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

अ​लविदा 2016: बिजनेस वर्ल्ड की दस दमदार खबरें

साल 2016 में कई खबरों ने कारोबारी दुनिया में हलचल मचाई थी, पेश है इन खबरों का जायजा

Pratima Sharma Pratima Sharma Updated On: Dec 28, 2016 05:31 PM IST

0
अ​लविदा 2016: बिजनेस वर्ल्ड की दस दमदार खबरें

फुस्स हुए फ्रीडम 251 के वादे

नोएडा की एक कंपनी रिंंगिंग बेल ने फरवरी ऐलान किया कि वह दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन मुहैया कराएगी. कंपनी के सीईओ मोहित गोयल ने दावा किया कि उनकी कंपनी 'फ्रीडम 251' लेकर आएगी, जिसकी कीमत महज 251 रुपए होगी.

freedom-251

इस ऐलान को सब हैरानी और संशय से देख रह थे. कंपनी ने पहले 2 लाख फोन की बुकिंग ली थी. ग्राहकों ने 251 रुपए में फोन की बुकिंग कराई, लेकिन कंपनी अपना वादा पूरा नहीं कर पाई. कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी का अब डब्बा गुल हो चुका है.

भाग निकला किंग आॅफ 'गुड टाइम्स'

एनरिक इगलेसियस के साथ 2016 का कैलेंडर लॉन्च करते विजय माल्या

एनरिक इगलेसियस के साथ 2016 का कैलेंडर लॉन्च करते विजय माल्या

2016 में किंग आॅफ गुड टाइम्स विजय माल्या मार्च 2016 में भारतीय बैंकों को 7000 करोड़ रुपए की चपत लगाकर लंदन भाग निकले. किंगफिशर एयरलाइन के दिवालिया होन के बाद माल्या पर 7000 करोड़ रुपए का कर्ज था. कर्ज वसूलने के लिए बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली कि उन्हें देश से बाहर जाने न दिया जाए. लेकिन इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कोई कार्रवाई करता माल्या देश से निकल गए. हालांकि उन्होंने ट्वीट करके यह जरूर बताया कि वह इंटरनेशनल बिजनेस मैन हैं कोई भगोड़े नहीं. अब विदेश मंत्रालय ने माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया है. वहीं ब्रिटेन ने माल्या को डिपोर्ट करने से मना कर दिया लेकिन प्रत्यर्पण में मदद करने पर राजी है.

पनामा पेपर से खुली टैक्स चोरों की पोल 

पनामा पेपर्स में अमिताभ बच्चन सहित कई लोगों के नाम शामिल

पनामा पेपर्स में अमिताभ बच्चन सहित कई लोगों के नाम शामिल

टैक्स हेवेन माने जाने वाले पनामा शहर की लॉ फर्म मोजैक फोनसेका की गुप्त फाइलों के 1.10 करोड़ दस्तावेज अप्रैल 2016 में लीक हो गए.

इनमें अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय, डीएलएफ के केपी सिंह और इंडिया बुल्स के मालिक समीर गहलोत सहित देश भर के कई लोगों के नामों के खुलासे हुए.

इन दस्तावेजों में उन लोगों के नामों की लिस्ट थी, जिन्होंने लॉ फॉर्म को फीस देकर दुनिया भर के टैक्स हैवेन देशों में कागजी कंपनी खुलवाई थी.

ब्रेग्जिट का असर

23 जून 2016 को आए वोटिंग के नतीजे

23 जून 2016 को आए वोटिंग के नतीजे

दुनिया भर के कई लोगों सहित ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरून को भी यह लगता था कि ब्रिटेन यूरोपीय यूनियन से बाहर नहीं निकलेगा.लेकिन 23 जून 2016 को जब वोटिंग के नतीजे आए तो हकीकत कुछ और था. ब्रिटेन के ज्यादातर लोग यूरोपीय यूनियन के साथ रहने के पक्ष में नहीं थे. इंग्लैंड और वेल्स ने यूरोपीय यूनियन से निकलने के लिए जबकि, स्कॉटलैंड और नॉर्दन आयरलैंड ने रहने के पक्ष में वोट दिया था. हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी होने में अभी दो साल का वक्त लगेगा.

जियो की एंट्री से टेलीकॉम इंडस्ट्री में हड़कंप

2017 में जियो इस सेगमेंट में अपनी और पहुंच बढ़ाएगी

2017 में जियो इस सेगमेंट में अपनी और पहुंच बढ़ाएगी

टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो की एंट्री ने इस सेक्टर को हिला कर रख दिया. अगस्त 2016 में जियो लॉन्च हुआ. जियो के फ्री प्लान से समाज के निचले तबके के लोग भी मोबाइल फोन के दायरे में आ सके और इससे बड़ा डिजिटल मार्केट तैयार हुआ. 2017 में जियो इस सेगमेंट में अपनी और पहुंच बढ़ाएगी, जिससे टेलीकॉम मार्केट में जबरदस्त प्रतियोगिता बढ़ेगी.

जीएसटी बिल पर बनी बात

अगस्त 2016 में जीएसटी बिल राज्य सभा और लोक सभा में पास हो गया

अगस्त 2016 में जीएसटी बिल राज्य सभा और लोक सभा में पास हो गया

कई सालों तक लटकने के बाद अगस्त 2016 में जीएसटी बिल राज्य सभा और लोक सभा में पास हो गया. इस रास्ते में जीएसटी को कई मुश्किलों और संशोधनों से जूझना पड़ा. अलग-अलग टैक्स की जगह एक ही टैक्स लगाने के लिहाज से यह एक अहम फैसला है. जीएसटी के चार स्लैब को लेकर सहमति बनी है. इसमें 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी है. इससे पहले जो स्लैब तय किया गया था वह 6 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 26 फीसदी था.

रघुराम राजन की विदाई, उर्जित पटेल देंगे ऊर्जा

सितंबर 2016 में खत्म हुई रघुराम राजन की सेवा

सितंबर 2016 में खत्म हुई रघुराम राजन की सेवा

अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक फंड के अर्थशास्त्री रघुराम राजन को यूपीए सरकार ने आरबीआई का गवर्नर बनाया था. यूपीए के साथ राजन के संबंध अच्छे थे लेकिन मोदी सरकार आने के बाद हालात पहले जैसे नहीं रहे. खबरों का बाजार गरम था कि रघुराम राजन की जगह मोदी सरकार किसी और को आरबीआई गवर्नर बना सकती है. सरकार राजन पर रेट कट का दबाव डालती रही लेकिन राजन ने अपना फोकस महंगाई घटाने पर रखा. रघुराम राजन के बारे में बीजेपी के सुब्रमण्यम स्वामी ने एकबार कहा था 'दिमाग से राजन पूरी तरह भारतीय नहीं है.' 4 सितंबर 2016 को राजन का कार्यकाल खत्म होने वाला था. कार्यकाल खत्म होने से पहले ही राजन ने यह ऐलान कर दिया कि वे अब एकेडमिक में लौटना चाहते हैं. रघुराम राजन के जाने के बाद उर्जित पटेल को आरबीआई गवर्नर बनाया गया है. उर्जित पटेल के आरबीआई वर्नर बनने के बाद सोशल मीडिया पर ये खबरें आई थी कि उर्जित पटेल की वाइफ और नीता अंबानी बहने हैं, लेकिन यह खबर पूरी तरह बेबुनियाद है क्योंकि पटेल ने शादी नहीं की है.

किस बात पर भिड़े रतन टाटा और साइरस मिस्त्री

4 साल में ही रतन टाटा और साइरस मिस्त्री के बीच बात बिगड़ गई

4 साल में ही रतन टाटा और साइरस मिस्त्री के बीच बात बिगड़ गई

टाटा संस के चेयरमैन का पद छोड़ने के बाद रतन टाटा ने साइरस मिस्त्री को कंपनी संभालने की जिम्मेदारी दी थी. लेकिन 4 साल में ही रतन टाटा और साइरस मिस्त्री के बीच बात इतनी बिगड़ गई कि मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटा दिया गया. टाटा कंसल्टेंसी के शेयरधारकों ने टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री को कंपनी के डायरेक्टर पद से हटाने के लिए वोटिंग किया. इस वोटिंग में भाग लेने वाले टीसीएस के 93% शेयरहोल्डर्स मिस्त्री को हटाने के पक्ष में रहे. मिस्त्री अब रतन टाटा के खिलाफ केस करने की धमकी दे रहे हैं.

नोटबंदी का टेंशन भरा 'तोहफा'

8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों के इस्तेमाल पर पाबंदी लग गई

8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों के इस्तेमाल पर पाबंदी लग गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी.यह कदम कालेधन कुबेरों को पकड़ने के लिए उठाया गया था. इस पहल के तहत पुराने नोटों को बदलने के लिए 30 दिसंबर तक का वक्त दिया गया है. साथ ही एटीएम से एक दिन में सिर्फ 2000 रुपए निकालने की व्यवस्था की गई, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है. 8 नवंबर को नोटबंदी का फैसला लेने के बाद से सरकार और आरबीआई ने फैसलों में बदलाव की झड़ी लगा दी है. खैर अब जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या प्रधानमंत्री 30 दिसंबर के बाद हालात सामान्य होने का वादा निभा पाएंगे.

पिता की करोड़ों की संपति को बोला ना

चाइनीज अरबपति वांग जिआनलिनी बेटे वांग सिकोंग

चाइनीज अरबपति वांग जिआनलिनी बेटे वांग सिकोंग

चाइनीज अरबपति वांग जिआनलिनी की कंपनी का दखल प्रॉपर्टी से लेकर मीडिया तक है. 2016 के अंत में एक दिलचस्प खबर आई. खबर यह थी कि जिआनलिनी के इकलौते बेटे ने पिता की प्रॉपर्टी लेने से मना कर दिया. 29 साल के वांग सिकोंग के इनकार करने के बाद मजबूरन जिआनलिनी को डालियन वांडा ग्रुप को प्रोफेशनल मैनेजर्स को सौंपना पड़ा.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi