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क्या कोई नया 'गुल' खिलाएगा संजय दत्त का ये गुलदस्ता?

राजनाथ सिंह को बीजेपी की जीत की बधाई देकर बीजेपी में जमीन तलाश रहे हैं संजय दत्त?

Hemant R Sharma Hemant R Sharma Updated On: Mar 13, 2017 03:19 AM IST

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क्या कोई नया 'गुल' खिलाएगा संजय दत्त का ये गुलदस्ता?

गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ संजय दत्त की ये तस्वीर एक नई कहानी को जन्म दे सकती है. ये कहानी फिल्मी कहानी की तरह ही टर्न और ट्विस्ट वाली है. इस कहानी का फर्स्ट और सेकेंड हाफ दोनों हम आपको समझाएंगे ठीक वैसे ही जैसे पूरी फिल्म चलती है.

बीजेपी के नेता राजनाथ सिंह के साथ संजय दत्त की मुलाकात को आप सिर्फ शिष्टाचार वाली मुलाकात समझने की भूल कर जरा भी मत कीजिएगा क्योंकि हमें तो संजय दत्त की इस तस्वीर में राजनीति की नई 'भूमि' नजर आ रही है.

वैसे यहां भूमि की जगह पर जमीन शब्द का इस्तेमाल होता लेकिन आगरा में इन दिनों संजय दत्त फिल्म भूमि की शूटिंग कर रहे हैं, संजू बाबा की जेल से बाहर आने के बाद ये पहली फिल्म है और संजय दत्त को अब अपने करियर के साथ-साथ नए राजनीतिक हमसफर की भी तलाश है जो अब बीजेपी में जाकर पूरी हो सकती है.

संजय दत्त के पिता सुनील दत्त और मां नरगिस दत्त ने जीवन भर कांग्रेस पार्टी की छत्रछाया में राजनीति की. उस वक्त कांग्रेस ही सबसे बड़ी पार्टी थी और कांग्रेस में जाने का सुनील दत्त को काफी राजनैतिक फायदा भी हुआ. संजय दत्त की बहन प्रिया दत्त लंबे वक्त से कांग्रेस से जुड़ी हैं और कई बार वो मुंबई की सीट से चुनकर भी गई हैं.

संजय दत्त पर जब टाडा के तहत केस चल रहा था उस वक्त वो अमर सिंह के दोस्त बन गए थे और 2012 में अमर सिंह उन्हें जया प्रदा के साथ समाजवादी पार्टी में ले गए थे. संजय दत्त ने समाजवादी पार्टी के लिए खूब प्रचार भी किया लेकिन जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बन गए तो अमर सिंह और संजय दत्त दोनों का एसपी ने साइडलाइन कर दिया.

संजय दत्त ने एक प्रेस कॉफ्रेंस में तो यहां तक कह दिया था कि समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार करना उनकी सबसे बड़ी भूल थी. उस वक्त उनका इरादा कांग्रेस में जाने का था क्योंकि कांग्रेस लगातार दो बार लोकसभा चुनाव जीतकर आई थी और बीजेपी का उस वक्त कोई भविष्य नजर नहीं आ रहा था.

संजय दत्त जेल चले गए. जेल से तपकर जब वो बाहर निकले तो भारतीय राजनीति की दशा पूरी तरह से बदल चुकी थी. मोदी की सुनामी में उनकी बहन प्रिया दत्त कांग्रेस पार्टी की टिकट पर  2014 का लोकसभा चुनाव हार गई थीं.

दत्त परिवार को तो पीढियों पहले की ये समझ में आ गया था कि बॉलीवुड में काम के साथ अगर पॉलिटिक्स का भी सहारा मिल जाए तो फिर कहना ही क्या. अमर सिंह संजय दत्त के सलाहकार रहे हैं. अमर सिंह को समाजवादी पार्टी से निकाला जा चुका है और उनका प्रेम अब पीएम मोदी और बीजेपी की तरफ बढ़ गया है.

ऐसे में हो सकता है कि अमर सिंह की सलाह पर ही संजय दत्त राजनाथ सिंह से मिलने पहुंचे हों क्योंकि राजनाथ सॉफ्ट छवि के नेता हैं और उनसे दोस्ती संजय को बीजेपी आलाकमान के करीब ला सकती है. इससे संजय दत्त को ही नहीं पूरी दत्त फैमिली को फायदा होगा क्योंकि अगर कांग्रेस मजबूत होगी तो प्रिया दत्त हैं और बीजेपी के साथ से संजय दत्त राजनीति की अपनी नई भूमि तलाश सकते हैं, मां नरगिस दत्त और पिता सुनील दत्त  को संजय ने राजनीति करते देखा है इसलिए राजनीति से उनका लगाव नया तो नहीं है.

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