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Review बरेली की बर्फी : इस 'बर्फी' की मिठास आपको दूर तक याद रहेगी

आयुष्मान-कृति सनॉन की इस फिल्म के असली हीरो राजकुमार राव हैं

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Hemant R Sharma Hemant R Sharma Updated On: Aug 18, 2017 12:25 PM IST

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Review बरेली की बर्फी : इस 'बर्फी' की मिठास आपको दूर तक याद रहेगी
निर्देशक: अश्विनी अय्यर तिवारी
कलाकार: आयुष्मान खुराना, कृति सनॉन और राजकुमार राव

वो बरेली में रहती है. अंग्रेजी फिल्में देखती है. ब्रेक डांस करती है, बिट्टी मिश्रा जब अपने बारे में इतना कुछ, घर से भागते वक्त ट्रेन में एक किताब 'बरेली की बर्फी' में पढ़ती है, तो घर से भागने का इरादा छोड़कर घर वापस आ जाती है और ढूंढ़ने लग जाती है इस किताब के लेखक प्रीतम विद्रोही (राजकुमार राव) को.

सीधा-साधा प्रीतम जब ‘विद्रोह’ पर उतरता है तो फिर वो इस फिल्म के हीरो आयुष्मान खुराना की कैसे बैंड बजाता है, ये देखकर आप कई बार जमकर हसेंगे.

दंगल के डायरेक्टर नीतेश तिवारी की पत्नी अश्विनी अय्यर तिवारी इस फिल्म की डायरेक्टर हैं और उन्होंने यहां अच्छा काम किया है. इससे पहले अश्विनी स्वारा भास्कर के साथ निल बटे सन्नाटा जैसी क्रिटिकली एक्लेम फिल्म बना चुकी हैं और इस बार उन्होंने हाथ आजमाया है एक कॉमेडी लव ट्रायएंगल पर. जिसे उन्होंने काफी अच्छे अंदाज में पेश किया है.

आयुष्मान-कृति की जोड़ी

फिल्म जावेद अख्तर की आवाज के साथ शुरू होती है, जब वो बताते हैं कि बरेली में रहने वाला चिराग दुबे यानी आयुष्मान खुराना को उनकी गर्लफ्रेंड बबली किसी और से शादी कर बैठती है. चिराग उसके गम में बरेली की बर्फी नाम की किताब तो लिख बैठता है लेकिन वो इस किताब पर खुद के नाम की जगह अपने दोस्त प्रीतम विद्रोही(राजकुमार राव) का नाम और फोटो छपवा देता है.

किताब कम ही लोगों को पसंद आती है लेकिन जिसे सबसे ज्यादा पसंद आती है वो बिट्टी मिश्रा है, बिट्टी किताब में जब अपने बारे में सही-सही पढ़ बैठती है तो उसका दिल इस किताब के लेखक से मिलने का कर बैठता है. किताब पर नाम है प्रीतम विद्रोही का इसलिए प्रीतम की खोज शुरू होती है. प्रिंटिंग प्रेस आयुष्मान खुराना की इसलिए बिट्टी में अपनी होने वाली प्रेमिका के सपने संजोय प्रीतम को ढूंढने का जिम्मा वो खुद ही उठाते हैं और ढूंढ भी लाते हैं.

राजकुमार राव है इसके असली हीरो

राजकुमार राव अब एक्टिंग में एक मंझा हुआ नाम बन चुके हैं. सीधे-साधे प्रीतम का रोल उन्होंने संजीदगी से किया है और जब प्रीतम बिट्टी यानी कृति को पाने का विद्रोह कर बैठता है तो कैसे उसकी पर्सनैटिली में बदलाव आता है, उसे भी राजकुमार ने बहुत खूबसूरती से निभाया है. राजकुमार को एक्टिंग के लिए इसमें पूरे नंबर मिलने चाहिए.

आयुष्मान सपोर्टिंग हैं

आयुष्मान खुराना वैसे तो फिल्म के लीड एक्टर हैं लेकिन राजकुमार के सामने वो सपोर्टिंग लगे हैं. उनको हीरो की तरह दिखाने के लिए डायरेक्टर को काफी मश्क्कत करनी पड़ी है.

कृति ने जीता दिल

छोटे शहर की लड़की बनी कृति ने ठीक-ठाक काम किया है, उन्होंने छोटे शहरों में लड़कियों के बदलते फैशन को फिल्म में अच्छे से पोर्ट्र किया है. लेकिन उन्हें जरूरत से ज्यादा ही बिंदास दिखाने में डायरेक्टर से थोड़ी ज्यादा क्रिएटिव लिबर्टी ले ली है.

कॉमेडी और डायलॉग्स मस्त हैं

आयुष्मान और राजकुमार राव के बीच जब कहानी आगे बढ़ती है तो कई डायलॉग्स और कॉमेडी सीन्स आपको जरूर हंसाएंगे. लेकिन इनमें भी बाजी राजकुमार राव के हाथ लगी है. उनके कई डायलॉग्स आपको याद रह जाएंगे.

म्यूजिक और अच्छा होना चाहिए था

फिल्म के दो गाने नज्म-नज्म और स्वीटी तेरा ड्रामा ही अच्छे बन पड़े हैं, ट्विटिड कमरिया गाने में वो बात नहीं है लेकिन बड़े स्टारकास्ट के साथ इस लव ट्रायएंगल में फिल्म साजन के लव ट्रायएंगल की तरह और अच्छे गाने होने चाहिए थे, तो फिल्म साजन की तरह धमाकेदार बन सकती थी.

वर्डिक्ट

फिल्म के बहुत सारे टेक्निकल इश्यूज के बारे में हम ज्यादा इसलिए बात नहीं करेंगे क्योंकि इससे लोगों को कुछ खास लेना देना नहीं होता है. ये जान लीजिए कि अगर इस हफ्ते आप एक एंटरटेनिंग फिल्म देखना चाह रहे हैं वो भी फैमिली के साथ तो जाहिर है बरेली की बर्फी आपके लिए सही चॉइस है. आप जाएं और अपना वीकेंड एंजॉय करें, हमारा दावा है कि आपको ये बर्फी मीठी लगेगी और इसे बाहर आकर आप अपने दोस्तों से भी डिस्कस करेंगे.

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