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कौन हैं धनुष के असली मां-बाप, अब कोर्ट सुनाएगा फैसला

धनुष के असली मां-बाप होने का दावा करने वाले ने कोर्ट उनके बर्थ मार्क बताए हैं

FP Staff Updated On: Mar 01, 2017 11:33 AM IST

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कौन हैं धनुष के असली मां-बाप, अब कोर्ट सुनाएगा फैसला

सुपरस्टार रजनीकांत के दामाद एक्टर धनुष की जिंदगी में रील लाइफ वाला पेंच पैदा हो गया है. कहानी ऐसी फिल्मी है कि मुमकिन है कि इस पर कोई फिल्म भी बन जाए. दरअसल एक्टर धनुष के असली मां-बाप होने का दावा लेकर एक दंपत्ति सामने आया है. मामला इतना पेचीदा हो चुका है कि अब धनुष को कोर्ट में अपनी असलियत साबित करनी पड़ रही है.

मंगलवार को धनुष अपनी पहचान साबित करने मद्रास हाईकोर्ट में पहुंचे. धनुष को अपना बर्थमार्क वेरीफाई करवाना है ताकि इस बात का पता चल सके कि जिस दंपत्ति ने उनपर अपना बेटा होने का दावा जताया है वो कितना सही है. उस दंपत्ति का दावा है कि धनुष उनके बेटे हैं, जो 10 वर्ष की उम्र में घर से भाग गए थे. अब उन्होंने धनुष पर 65 हजार रुपए महीना भत्ता देने का दावा ठोंका है.

कोर्ट में धनुष की मां विजयालक्ष्मी भी उनके साथ थीं. अब कोर्ट ने उनके बर्थ वेरिफिकेशन मार्क की पहचान की जिम्मेदारी डॉक्टरों को सौंपी है.

सूत्रों के अनुसार जांच हो चुकी है और अब कोर्ट की सुनवाई 2 मार्च के तक के लिए स्थगित की गई है.

धनुष पर बेटे होने का दावा करने वाले दम्पति 65 वर्ष के पुरुष आर. काथिरेसन और 53 वर्ष की महिला, मीनाक्षी हैं. इन्होंने मदुरई के कोर्ट में यह मामला दर्ज कराया था.

धनुष ने हाई कोर्ट से जल्द सुनवाई की सिफारिश की है. धनुष का कहना है कि वे लोग अपने रख रखाव का भी खर्च उनसे मांग रहे हैं.

धनुष ने उनके बेटे होने से साफ इनकार किया है. उन्होंने कहा, ‘मैं उनका बेटा नहीं हूं और मुझे लगता है इन दोनों के पीछे कोई और है जो ये सब पैसों के लिए कर रहा है.'

dhanush

दम्पति ने अपने बेटे के कॉलरबोन पर तिल के निशान और बांह पर चोट के निशान होने का दावा किया है. लेकिन धनुष ने इस तरह के किसी निशान के होने से इनकार किया है.

धनुष ने अपना बर्थ सर्टिफिकेट जमा किया है, जिसमें उनका जन्म 28 जुलाई 1983 को हुआ है और उसमें किए गए दावे के अनुसार ऐसे किसी निशान की जानकारी नहीं है.

लेकिन वह पति पत्नी इस बात को मानने से इनकार कर रहे हैं क्योंकि बर्थ सर्टिफिकेट में धनुष का नाम दर्ज नहीं है. धनुष का बर्थ सर्टिफिकेट 21 जून 1993 की बनी है मतलब उनके जन्म से दस साल बाद. अगर यह सर्टिफिकेट सही है तो धनुष उस वक्त 5वीं क्लास में होंगे, तो दम्पति का कहना है कि जन्म के दस साल बाद धनुष का नाम यहां दर्ज क्यों नहीं है.

इस केस में और भी दाव पेंच हैं, जब उस बर्थ सर्टिफिकेट में पिता का नाम ‘कृष्णमूर्ति’ लिखा है. रिकॉर्ड ने अनुसार कृष्णमूर्ति ने 18 फ़रवरी 2015 को अपना नाम बदल कर ‘कस्तूरी राजा’ कर लिया था.

दम्पति का कहना है कि मई 2002 में आई फिल्म ‘थूल्लुवादो लामई’ के डायरेक्टर ‘कस्तूरी राजा’ हैं. धनुष के अनुसार उनका नाम पहले ‘आर के वेंकटेश’ था जो बाद में बदलकर साल 2003 में ‘धनुष के राजा’ कर लिया गया.

लेकिन दम्पति का कहना है कि, ‘डॉक्यूमेंट पर उनका नाम सिर्फ धनुष है.’

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