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सिल्वर जुबली : 25 साल में काजोल ने खुद को साबित कर दिया है 'कॉन्टेंट की क्वीन'

काजोल ने बॉलीवुड में 25 साल पूरे कर लिए हैं

Abhishek Srivastava Updated On: Jul 31, 2017 03:06 PM IST

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सिल्वर जुबली : 25 साल में काजोल ने खुद को साबित कर दिया है 'कॉन्टेंट की क्वीन'

काजोल के बारे में एक चीज जानकर बेहद आश्चर्य होता है की 25 साल के करियर में 40 से भी कम फिल्में उन्होंने की हैं. इस बात से एक बात पूरी तरह से साफ हो जाती है कि काजोल उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं जो क्वालिटी को क्वांटिटी के ऊपर वरियता देती हैं.

आज से 25 साल पहले काजोल ने अपने करियर की पहली फिल्म की थी और अगर एक अभिनेत्री बॉलीवुड में अपने करियर की सिल्वर जुबली मनाती हैं तो इसका महत्व कुछ ज्यादा ही होता है.

फिल्म बेखुदी के लिये काजोल ने अपने फिल्मी करियर का पहला शॉट दिया था. 80 के दशक के मशहूर निर्देशक राहुल रवेल की इस फिल्म में काजोल के अपोजिट थे अभिनेता कमल सदानाह. काजोल की इस पहली फिल्म में पहले उनके हीरो सैफ अली खान थे लेकिन उनके गैर पेशवराना अंदाज के चलते उनको फिल्म से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था.

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मजेदार बात ये भी थी कि काजोल ने कुछ दिनों की शूटिंग सैफ के साथ की थी. खुद काजोल इस फिल्म की पहली च्वाइस नहीं थी. इसके पहले इस फिल्म के लिये पूजा भट्ट और सोमी अली के नाम को लेकर भी चर्चा हुई थी. बहरहाल फिल्म का बाँक्स आँफिस पर बुरा हाल हुआ लेकिन काजोल के अभिनय की तारीफ हुई.

होनहार बीरवान के होत चीकने पात वाली कहावत काजोल पर पूरी तरह से लागू होती है जब बचपन में फिल्म कराटे में एक छोटी सी भूमिका से उन्होंने सबका दिल मोह लिया था. उनकी दूसरी फिल्म शाहरुख खान के साथ थी. फिल्म थी बाजीगर.

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फिल्म को इतनी ज़बरदस्त सफलता मिली कि फिल्म से जुड़े लोगों ने ये बात सपने में भी नहीं सोची होगी. काजोल रातों रात स्टार बन चुकी थी और शोहरत उनके कदमों में थी. उसके बाद सफल फिल्म की मानो उन्होंने झड़ी लगा दी.

करन अर्जुन, दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे, कुछ कुछ होता है कुछ ऐसी फिल्म उनका शाहरुख खान के साथ थी जिसकी वजह से उनका नाम भी फिल्मी जगत के बेहतरीन जोड़ियाँ की नाम के साथ शुमार हो गया.

जी हां जिस तरह से लोग रेखा-अमिताभ अमिताभ बच्चन, मधुबाला-दिलीप, सुरैया-देव आनंद, नर्गिस-राज कपूर, हेमा-मालिनी-धर्मेंद्र की बातें करते थे उसी फ़ेहरिस्त में काजोल-शाहरुख खान का नाम भी जुड़ गया. एक अभिनेत्री के लिये ये एक बहुत बड़ी बात थी और फिल्मी इतिहास में अपनी जगह बनाने वाली बात थी.

ये उनके शानदार अभिनय का ही करिश्मा था जिसकी वजह से उनको 9 बार फिल्म फेयर अवॉर्ड्स के लिये नामांकित किया गया और 6 बार वो ट्राफ़ी अपने घर ले जाने में कामयाब रही.

लेकिन अगर बात उनकी शाहरुख खान के साथ जोड़ी को लेकर अखबारों की सुर्खियां बनी तो वही दूसरी ओर उनकी एक और सितारे के साथ भी उतनी ही मजबूत जोड़ी बनी जो फिल्मी पर्दे पर उतनी सफलता के पायदान तो नहीं चढ़ पाया लेकिन रुपहले पर्दे के बाहर निजी जिंदगी में अटूट जोड़ी बन गया. काजोल की ये जोड़ी अजय देवगन के साथ बनी जिनके साथ उन्होंने फरवरी 1999 में शादी रचा ली.

काजोल के बारे में एक किस्सा बहुत कुछ बताता है. बात है फिल्म कुछ कुछ होता है के पहले दिन की शूटिंग की जब करन जौहर बेहद ही नर्वस थे. उनकी मनोस्थिति को काजोल ने पहले से ही भांप लिया और अकेले में करन को ले जाकर उनको समझाया की तुम्हें चिल्ला कर काम निकलवाना नहीं आता है.

काजोल ने उनको समझाया कि कड़क तरीके से जब तक वो लोगों के सामने पेश नहीं आयेंगे लोग उनकी बात नहीं मानेंगे. काजोल ने इसका उपाय करन को बताया की जब वो शूटिंग के लिये अपना शॉट देंगी तो वो जानबुझ कर ग़लती करेंगी और उसी वक्त करन ज़ोर से उनके उपर चिल्ला कर सेट पर लोगों को बता दें कि उनका पाला एक बड़े ही कडक निर्देशक से पड़ा है. काजोल की ये तरकीब करन के किसी काम ना आ पाई क्योंकि ऐन मौके पर उनके मुंह से हंसी निकल गई, लेकिन ये किस्सा काजोल के बारे में बहुत कुछ उजागर करता है.

Throwback to 25 years back. So much love for so long. Truly humbled!

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शादी के दो सालों के बाद उन्होंने फिल्मो को साइन करने की अपनी गति काफी धीमी कर दी क्योंकि अब उनको अपना परिवार बसाना था. दो बच्चों की मां बनने के बाद उन्होने फिल्में अपना शर्तों पर करने की ठानी और इसके बावजूद फिल्म निर्माताओ की कतार उनके घर के सामने दिखाई दी. करन जौहर भी उन में से एक थे.

ShahrukhKhan-Kajol

कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी ग़म, माई नेम इज़ खान इन सभी फ़िल्मो को उन्होंने काजोल के साथ बनाया और सफलता ने इस क़दर उनके कदम चूमे की अगर उनकी फ़िल्मो में काजोल के लिये कोई किरदार नहीं होती था तो वो इस बात का खास ध्यान रखते थे कि काजोल का कोई स्पेशल अपीयरेंस उस फिल्म में ज़रुर हो. लेकिन जब 2016 की दीवाली में उनके पति की फिल्म शिवाय करन की फिल्म ऐ दिल है मुश्किल से बॉक्स ऑफिस पर टकराई तो मानो सालों की गहरी दोस्ती पल भर में दुश्मनी में बदल गई.

Ajay-Kajol

जब अजय देवगन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने फालोअर्स के साथ एक ऑडियो क्लिप साझा की जिसमें करन ने फिल्म जगत के एक विवादास्पद समीक्षक और फेल अभिनेता को 25 लाख रुपये देकर अजय की फिल्म के बारे में भला बुरा कहने की बात आई तो मानो बिजली गिर पड़ी.

काजोल ने पूरे मामले पर अफसोस जताया. आगे चल कर करन को ये बात नागवार गुज़री. करन ने अपनी जीवनी में इसके बारे में लिखा भी है  और ये भी लिखा है कि जब भी वो काजोल को अपने किसी गहरे दोस्त से बात करते हुये देखते है तो उनके तन बदन में आग लग जाती है.

करन की ये बात उनकी किताब में भले ही साल के शुरुआत में आई हो लेकिन काजोल ने इसका जवाब बड़े ही दिलचस्प अंदाज़ में कुछ दिनो पहले दिया. उनका कहना था कि वो लोगों की जीवनी में कतई विश्वास नहीं रखती है और ये सबकुछ बेतुके होता है. काजोल ने ये भी कहा कि जो लोग अपनी जीवनी लिखते है वो अपनी जिंदगी को कुछ ज्यादा संजीदा तरीके से ले लेते हैं. काजोल का ये वार सीधी तरह से करन के ऊपर ही था.

काजोल अपने पति की वजह से इसके पहले भी मशहूर यशराज बैनर के साथ अपने रिश्तों को बिगाड़ चुकी थी.  बात थी 2011 में जब शाहरुख खान की फिल्म जब तक है जान और अजय देवगन की फिल्म सन ऑफ सरदार एक दूसरे से भिडने वाले थे. स्क्रीन के मुद्दे पर अजय ने यशराज पर सिनेमा हाल्स पर मोनोपाली का आरोप लगा दिया और मामला पहुंचा दिया कांपटिशन कमीशन आफॅ इंडिया के पास.

लेकिन अजय की इस हरकत पर काजोल के लिये यशराज फिल्मस के रास्ते हमेंशा के लिये बंद हो गये. जब फिल्म का प्रीमियर हुआ तो फिल्म जगत की सभी नाम चीन हस्तियां वहां पर पहुंची क्योंकि वो फिल्म यश चोपड़ा की मौत के बाद उनकी आखिरी फिल्म थी.

काजोल को इसके लिये आमंत्रित नहीं किया गया था. फिल्मी सेट पर बेवकूफी बिल्कुल नहीं बर्दाश्त करने वाली काजोल का मानना है कि इन चीज़ो को लेकर उन्हे किसी बात का कोई अफसोस नहीं है और उनके पति अजय ने जो भी किया था वो सही किया था.

हिंदी फिल्मों में उनके शानदार योगदान की वजह से सन् २०११ में उनके पद्मश्री से नवाजा गया. ये भी कमाल की बात है कि काजोल के नाम ही सबसे ज्यादा फिल्म फेयर ट्राफ़ी जीतने के संयुक्त रिकार्ड खुद की मौसी नूतन के साथ है.

अगर काजोल ने कमर्शियल फ़िल्मो में अपनी धाक जमाई तो वो लीक से हट कर वाली फ़िल्मो में भी अपने अभिनय से उन्होंने दुनिया को दिखा दिया की वो किसी भी फिल्म ओर रोल में फिट बैठ सकती है. गुप्त, दुश्मन कुछ ऐसी फिल्में थी जो किसी भी अभिनेत्री के लिये चैलेंज वाला रोल हो सकता है.

अफसोस की बात है कि पारिवारिक बंधनों की वजह से काजोल आजकल कम फिल्में कर पाती है. उनकी पिछली रिलीज दिलवाले कुछ खास कमाल नहीं कर पाई थी लेकिन काजोल जैसी अभिनेत्री के लिये से महज एक स्पीड ब्रेकर होता है. २५ सालों का उनका फिल्मी करियर यही दर्शाता है कि अगर अभिनय क्षमता आपके अंदर है तो फिल्म जगत की पुरानी कहावत की अभिनेत्रियों की शेल्फ लाइफ कम होती है, मायने नहीं रखती हैं. :

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