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रिलीज से पहले मीडिया के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग क्यों नहीं रखना चाहते प्रोड्यूसर्स?

पत्रकारों को इसलिए इजाजत नहीं क्योंकि फिल्म देखकर पहले ही दिन वो रिव्यू दे देते हैं

FP Staff Updated On: Aug 09, 2017 08:44 PM IST

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रिलीज से पहले मीडिया के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग क्यों नहीं रखना चाहते प्रोड्यूसर्स?

कुछ दिनों पहले न्यूज18 हिंदी की मुलाकात शाहरुख खान से हुई थी. शाहरुख खान अपनी फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' का प्रमोशन करने के लिए दिल्ली आए हुए थे. तब शाहरुख ने बातचीत के दौरान एक बात कही थी. शाहरुख के मुताबिक फिल्में ही एक मात्र ऐसा प्रोडक्ट है जिसके खराब निकलने पर उसके पैसे वापस नहीं होते इसलिए वो कोशिश करते हैं कि उनकी हर फिल्म दर्शकों को पसंद आए.

शाहरुख ने ये बातें फिल्म रिलीज होने से 2 दिन पहले कही थी. लेकिन शाहरुख को शायद तब तक ये पता नहीं था कि उनकी फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' का प्रेस शो आयोजित नहीं किया जा रहा है. दरअसल पत्रकारों के लिए कई फिल्मों की स्पेशल स्क्रीनिंग की जाती है. जिसमें पत्रकार जाकर फिल्म देखते हैं फिर वो उस फिल्म के अच्छे बुरे पहलुओं पर बात करते हुए फिल्म का रिव्यू देते हैं और ये रिव्यू पढ़कर कई बार दर्शक ये तय करते हैं कि वो फिल्म देखने जाए या नहीं.

लेकिन पिछले कुछ दिनों से कई फिल्मों के प्रेस शो आयोजित नहीं किए गए हैं. पिछले 1 महीने में 'मुबारकां' को छोड़कर जितनी भी बड़ी फिल्में रिलीज हुई उनमें से ज्यादातर के प्रेस शो आयोजित नहीं किए गए थे.'जग्गा जासूस' और 'जब हैरी मेट सेजल' के साथ ऐसा ही हुआ और अब खबर है कि 'टॉयलेट एक प्रेम कथा' का भी प्रेस शो आयोजित नहीं होगा.

माना जा रहा है कि प्रोड्यूसर्स ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वो अपनी फिल्मों के साथ सीक्रेसी बरतना चाहते हैं लेकिन सवाल ये है कि अगर फिल्में प्रोडक्ट हैं तो फिर इस प्रोडक्ट का रिव्यू क्यों ना किया जाए.

हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है, फॉक्स और यशराज जैसे प्रोडक्शन हाउस पहले भी एक दिन पहले पत्रकारों को फिल्में नहीं दिखाते है और आज भी नहीं दिखाते हैं. लेकिन अब दूसरे प्रोडक्शन हाउस भी ऐसा ही करने लगे हैं.

हालांकि विशेषज्ञ ये भी मानते हैं कि इससे फिल्म मेकर्स की इनसिक्योरिटी का पता लगता है. क्योंकि अगर आपको पत्रकारों को फिल्म दिखाने का भरोसा नहीं है तो कहीं ना कहीं ये माना जा सकता है कि फिल्म में कुछ ऐसी कमियां हैं जिसके बाहर आने से मेकर्स डर जाते हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर फिल्म दिखाने में इतना ही खतरा महसूस होता है तो फिर फिल्म बनाई ही क्यों जाती है ?. हालांकि एक दिन पहले प्रेस शो आयोजित ना करने का ट्रेंड पूरी दुनिया में चल पड़ा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है.

(साभार न्यूज़ 18)

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