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Revealed : 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ को बंद करने पर प्रोड्यूसर ने दिया ये बड़ा बयान

शो के प्रोड्यूसर असित कुमार मोदी ने कहा, हमें गलत समझा गया

Rajni Ashish Updated On: Sep 19, 2017 09:33 PM IST

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Revealed : 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ को बंद करने पर प्रोड्यूसर ने दिया ये बड़ा बयान

सब टीवी के पॉपुलर शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के सीक्वेंस को लेकर लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. ये विवाद ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के 8 सितंबर को प्रसारित 2287वें एपिसोड को लेकर हुआ था. हमने आपको हाल ही में ये खबर दी थी कि इस एपिसोड की वजह से 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' पर बैन लगाने की मांग उठा दी गई है. दरअसल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ पर ‘‘ईशनिंदक’’ कृत्यों का चित्रण करने का आरोप लगाते हुए इस पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की. वहीं शो से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि इस एपिसोड में प्रसारित किए गए सीक्वेंस का गलत अर्थ निकालने की वजह से ये विवाद पैदा हुआ है. अब शो के प्रोड्यूसर ने भी विवाद को लेकर अपना बयान जारी कर दिया है.

विवाद पर आया प्रोड्यूसर का यह बयान

शो के प्रोड्यूसर असित कुमार मोदी का कहना है, " रोशन सिंह सोढी को हमने गुरु गोविंद सिंह जी के खालसा रूप में दिखाया था. इस बात का सबूत शो में यूज किये गए उनके डायलॉग और उनका प्रदर्शन है. हम हमेशा सभी धर्मों का बराबर सम्मान करते हैं और हम किसी भी धर्म का न तो अपमान कर सकते हैं, न ही किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं. हमारे शो में अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के लोग साथ रहते हैं और सभी मिल जुलकर हर त्यौहार को मनाते हैं. हमें पता है और हम इस बात का सम्मान करते हैं कि कोई भी व्यक्ति किसी भी सिख गुरु का रूप नहीं ले सकता. हमारे शो में भी हमने गुरु गोविंद सिंह जी का स्वरूप नहीं लिया है. रोशन सिंह सोढ़ी को हमने खालसा के रूप में दिखाया था. हम अपने दर्शकों से निवेदन करते हैं कि वे प्रसारित हुए प्रकरण को गलत प्रसंग में न देखें."

सोशल मीडिया पर भी शेयर की गई पिक्चर

शो के मेकर्स ने सोशल मीडिया पर भी उस सीन की तस्वीर डालते हुए दर्शकों से रिक्वेस्ट करते हुए लिखा है 8 सितंबर, 2017 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के एपिसोड नंबर 2287 में सोढ़ी को गुरु गोविन्द सिंह जी के खालसा के रूप में तैयार किया गया. हम अपने दर्शकों से अनुरोध करते हैं कि इस सीन की किसी भी अन्य तरीके गलत व्याख्या ना करें.

धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का है आरोप

एसजीपीसी प्रमुख कृपाल सिंह बादुंगर ने मीडिया को जारी एक बयान में कहा कि धारावाहिक ने सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह के जीवित स्वरूप का चित्रण कर समुदाय को ठेस पहुंचाई है और ऐसा करना ‘‘सिख सिद्धांतों के खिलाफ’’ है.बादुंगर ने कहा, ‘‘कोई भी अभिनेता या कोई भी चरित्र खुद की दसवें सिख गुरु गोविंद सिंह के साथ समानता नहीं कर सकता. यह अक्षम्य कृत्य है.’’

बबिता भाभी उर्फ मुनमुन ने भी दी थी सफाई

इसके पहले इस बारे में एक वेबसाइट से बात करते हुए शो में हॉट बबिता का किरदार निभा रही मुनमुन दत्ता ने कहा, " पहली बात, जब मैंने गुरुचरन सिंह को इस बारे में बात करते हुए सुना तब तक मुझे इस विवाद के बारे में नहीं पता था. इसमें सबको कुछ गलतफहमी हुई है. आपको बता दें कि गुरुचरण इस धारावाहिक में सोढ़ी की भूमिका में नजर आते हैं.

मुनमुन आगे कहती हैं कि गुरुचरण जो कि खुद सिख समुदाय से आते हैं वो खुद कुछ ऐसा नहीं करेंगे जिससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हो. मुझे अच्छे से याद है कि उस सीक्वेंस की शूटिंग वाले दिन उन्होंने कहा था कि किसी को भी श्री गुरु गोविंद सिंह जी का रोल अदा करने की अनुमति नहीं है. इसके बाद उन्होंने खालसा के रोल को अदा किया और टीवी पर भी हमने यही दिखाया है. जो लोग भी इस पर अपनी आपत्ति जता रहे हैं उन्होंने उस एपिसोड को सही ढंग से देखा नहीं है. मैं चाहती हूं कि वह उस एपिसोड को देखें जहां सोढ़ी ये कह रहे हैं कि वो उनका खालसा है.

मुनमुन आगे कहती है कि 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की खूबसूरती है कि इसमें हर संस्कृति और धर्म के लोग है. तो हम हमेशा इस बात को लेकर एलर्ट रहते हैं कि कभी हमारे डायलॉग या एक्ट की वजह से किसी की भावनाएं ना आहत हो जाएं. यह शो नौ साल से चल रहा है और लोगों की शुभकामनाओं की वजह से ऐसा है. हम कभी नहीं चाहेंगे कि इसकी वजह से देश में किसी की भी भावना आहत हो.

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