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लोकसभा में उठी मगही, भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

मगही भाषा को अभी तक संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है.

FP Staff | Published On: Mar 22, 2017 03:38 PM IST | Updated On: Mar 22, 2017 03:40 PM IST

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लोकसभा में उठी मगही, भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

लोकसभा में बीजेपी सदस्यों ने बुधवार को बिहार दिवस के मौके पर प्रदेश की दो प्रमु़ख भाषाओं मगही और भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की है.

शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए बीजेपी के सुशील कुमार सिंह ने मगही भाषा में अपनी मांग रखते हुए कहा कि आज 22 मार्च को बिहार दिवस मनाया जाता है.

बिहार प्राचीन काल से ही सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान रहा है. महात्मा बुद्ध, भगवान महावीर से लेकर यह भूमि चंद्रगुप्त, चाणक्य जैसी विभूतियों के लिए विख्यात रही है.

उन्होंने कहा कि नालंदा, विक्रमशिला के रूप में बिहार का शैक्षणिक क्षेत्र में इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है. इसमें भी मगध क्षेत्र का स्थान इतिहास में अविस्मरणीय है.

सिंह ने कहा कि लेकिन काफी दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि मगही भाषा को अभी तक संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है. हम आपके माध्यम से मांग करते हैं कि मगही भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का निर्देश दें.

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि आपने मगही भाषा में अच्छा बोला.

बीजेपी के ही छेदी पासवान ने बिहार दिवस पर प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की.

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