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GUYसेक्सुअल: समलैंगिक भी इंसान हैं, मंगलवासी नहीं!

समलैंगिक भी इंसान हैं, मंगलवासी नहीं!

Aniruddha Mahale | Published On: Nov 27, 2016 08:30 AM IST | Updated On: Nov 27, 2016 08:57 AM IST

GUYसेक्सुअल: समलैंगिक भी इंसान हैं, मंगलवासी नहीं!

समलैंगिकों के बारे में लोग तमाम तरह की राय क़ायम कर लेते हैं. मसलन, वो सभी मर्दों को गे बनाना चाहते हैं. तो, शायद ये सही वक़्त है कि गे के बारे में ऐसी तमाम खामखयालियों को दूर किया जाए.

  1. हम सबको गे नहीं बनाना चाहते

अक्सर लोग सोचते हैं कि समलैंगिक, पूरी दुनिया के मर्दों पर निगाह रखते हैं. इसीलिए वो महिलाओं के साथ यौन संबंध में दिलचस्पी रखने वालों को भी समलैंगिक बनाना चाहते हैं. ऐसा बिल्कुल नहीं है. गे मर्दों को सिर्फ़ समलैंगिकों में दिलचस्पी होती है. हम कोई विदेशी मिशनरी नहीं जो धर्म परिवर्तन के मिशन पर लगे हैं.

  1. समलैंगिकों के रिश्ते में कोई मर्द-औरत नहीं

अक्सर समलैंगिकों से लोग पूछते हैं कि इस रिश्ते में कौन मर्द है और कौन औरत. भई, सीधी सी बात ये है कि ये कोई औरत-मर्द का रिश्ता है नहीं. ये रिश्ता दो गे लोगों के बीच है. तो यहां औरत-मर्द का रोल तलाशने और फ़र्क़ करने का क्या काम? बेहतर है समलैंगिकों से ये सवाल आप न करें. किसी भी समलैंगिक रिश्ते में जुड़े दो लोग सिर्फ़ गे होते हैं, औरत या मर्द नहीं.

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  1. समलैंगिक हर तरह के पेशेवर हो सकते हैं

बहुत से लोग सोचते हैं कि सिर्फ़ लेखक, पेंटर या कलाकार ही गे होते हैं. ऐसा बिल्कुल नहीं. हर पेशे के लोगों के बीच समलैंगिक होते हैं. वो इंजीनियर भी हो सकते हैं और चार्टर्ड एकाउंटेंट भी. समलैंगिकता को किसी ख़ास पेशे या शौक़ से जोड़कर बिल्कुल मत देखें. जैसे दूसरे लोग हर पेशे में होते हैं, वैसे ही गे भी.

  1. समलैंगिक बहुत ड्रामेबाज़ होते हैं

ये भी गे लोगों के बारे में एक ऐसी राय है जो सरासर ग़लत है. समलैंगिक, बिल्कुल आम इंसान हैं. उन्हें ड्रामेबाज़ समझना ग़लत है. हां, कोई ग़लत चीज़ या अनहोनी होते दिखेगी तो जैसे दूसरे इंसान चौंकते हैं, गे भी चौंकेंगे, चिल्लाएंगे. मगर ये सोचना की समलैंगिक ओवरएक्टिंग करते हैं, उन्हें ग़लत समझना है.

  1. समलैंगिकों की डेट अलग तरह की होती है

लोग ये धारणा बना लेते हैं कि समलैंगिक, सामान्य गर्लफ्रैंड-ब्वॉयफ्रैंड से अलग तरह का प्यार जताते हैं. ऐसा बिल्कुल नहीं. गे भी डेट पर जाते हैं. एक-दूसरे का हाथ थामकर टहलना पसंद करते हैं. एक-दूसरे के प्यार में पड़ते हैं. झगड़ा भी करते हैं. तो गे हर वो काम करते हैं जो प्यार के हर रिश्ते में होता है. इसमे ऐसा अलग सा कुछ नहीं. तो, आप कुछ अलग सा तलाशिए भी मत.

कुल मिलाकर ये हैं कि अगर आप समलैंगिक हैं या स्ट्रेट हैं, तो हर वक़्त उसकी नुमाइश तो नहीं करते रहते. फिर? हर वक़्त गे लोगों में कुछ अलग तलाशना ही बेमानी है न! यार, समलैंगिक भी इंसान हैं, मंगल ग्रह से आए प्राणी नहीं!

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