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एसबीआई को एनपीए की स्थिति में सुधार की उम्मीद

सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे बैंकों की तरह भारतीय स्टेट बैंक भी फंसे कर्ज की समस्या से जूझ रहा है

Bhasha Updated On: Sep 16, 2017 10:37 PM IST

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एसबीआई को एनपीए की स्थिति में सुधार की उम्मीद

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को आने वाले दिनों में फंसे कर्ज की स्थिति में सुधार की उम्मीद है. सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे बैंकों की तरह भारतीय स्टेट बैंक भी फंसे कर्ज की समस्या से जूझ रहा है.

बैंक के प्रबंध निदेशक (नेशनल बैंकिंग ग्रुप) रजनीश कुमार ने कहा, ‘आने वाले समय में फंसे कर्ज की स्थिति नियंत्रण में रहने की उम्मीद है. कोई नया कर्ज दबाव में आएगा इसकी उम्मीद कम है. विशेषतौर से सितंबर के बाद से हालात बेहतर होने की उम्मीद है.’

कुमार ने कहा कि बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) उसके सकल ऋण के समक्ष 9.93% रही है. यह राशि 1.90 लाख करोड़ रुपए बैठती है.

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की एक बैठक से अलग कुमार ने पत्रकारों से कहा कि हमारी मुख्य चिंता इसके बजाय शुद्ध एनपीए को लेकर है जो इस समय शुद्ध ऋण का 3% है. आदर्श स्थिति में शुद्ध एनपीए डेढ़ प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि बैंक ऐसे कर्ज के समक्ष अधिक प्रावधान करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है. इसके साथ ही बैंक की आय भी बढ़नी चाहिए. उन्होंने कहा कि वर्तमान में कर्ज के समक्ष किए जाने वाले प्रावधान का कवरेज अनुपात 60 प्रतिशत तक है.

कुमार ने कहा कि कुल कर्ज के समक्ष एनपीए स्तर में कमी तभी आ सकती है जब कर्ज का आधार व्यापक होगा. उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान बैंक की रिण वृद्धि छह से सात प्रतिशत रहने का अनुमान है.

कुमार के अनुसार स्टेट बैंक स्वच्छ परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए हरित बांड के जरिए राशि जुटाएगा.

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