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नेचुरल गैस को जीएसटी के दायरे में लाने की जरूरत: गेल

पिछले तीन साल में वैश्विक स्तर पर गैस की उपलब्धता बढ़ी है और कीमत भी कम हुई है

Bhasha Updated On: Oct 04, 2017 07:00 PM IST

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नेचुरल गैस को जीएसटी के दायरे में लाने की जरूरत: गेल

गेल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बीसी त्रिपाठी ने बुधवार को कहा कि अर्थव्यवस्था एवं समाज में प्राकृतिक गैस के महत्व को देखते हुए इस क्षेत्र को जीएसटी के दायरे में लाने की जरूरत है.

उन्होंने पुराने बिजली खरीद समझौते के रद्द होने और साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी खासकर से सौर ऊर्जा दर में गिरावट को क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बताया है.

फिक्की द्वारा आयोजित गैस इंफ्रास्ट्रक्चर सम्मेलन में त्रिपाठी ने कहा, ‘पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए. लेकिन अगर इस पर सहमति नहीं बन पाती है तो कम से कम गैस क्षेत्र को इसके दायरे में लाया जाना चाहिए ताकि इसकी कीमत में कमी लाई जा सके और विभिन्न क्षेत्रों में इसकी मांग बढ़ायी जा सके.'

गेल के सीएमडी ने कहा कि प्राकृतिक गैस पर इस समय कस्टम ड्यूटी, सर्विस टैक्स और वैट लगाया जाता है. कुल मिलाकर प्राकृतिक गैस में 20 से 30 प्रतिशत तक की टैक्स लागत शामिल है. उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को फिलहाल जीएसटी के दायरे में नहीं लाया जा सकता है तो दूसरे ईंधन के मुकाबले कम प्रदूषण फैलाने वाले इस ईंधन यानी गैस पर टैक्स की दर को कम तो किया जा सकता है.

सौर ऊर्जा की कीमतें हुई कम

त्रिपाठी ने कहा, ‘पिछले तीन साल में वैश्विक स्तर पर गैस की उपलब्धता बढ़ी है और कीमत भी कम हुई है. हम कम आपूर्ति से अधिक आपूर्ति की ओर बढ़े हैं.’ उन्होंने कहा, ‘गैस आधारित अर्थव्यवस्था के लिए अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत है कि कैसे प्राकृतिक गैस का उपयोग 6-7 प्रतिशत से बढ़ाकर 15-16 प्रतिशत तक पहुंचाया जा सके. इसके लिए ऐसा अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत है जिससे बिजली, वाहन, फर्टीलाइजर समेत विभिन्न क्षेत्रों में मांग बढ़े. हमें उत्पादन और वितरण क्षेत्रों के बीच तालमेल बैठाना होगा. इसको लेकर हमें केंद्रीकृत नीति की जरूरत है.’

उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र में पुराने बिजली खरीद अनुबंधों का रद्द होना क्षेत्र के लिए एक समस्या है जिसका समाधान किए जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि पहले कोयला गैस क्षेत्र के लिए समस्या थी अब रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र के लिए एक समस्या है.

गौरतलब है कि राजस्थान के भादला में सौर ऊर्जा की नीलामी दर 2.44 रुपए प्रति यूनिट तक आ गई.

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