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बकाया चुकाएं, वर्ना कारोबार दूसरों के हवाले कर दें कर्जदार कंपनियां: जेटली

12 बड़ी कर्जदार कंपनियों में दो लाख करोड़ रुपए का कर्ज फंसा हुआ है. यह राशि बैंकों के कुल फंसे कर्ज का एक चौथाई के करीब है.

Bhasha Updated On: Aug 31, 2017 01:59 PM IST

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बकाया चुकाएं, वर्ना कारोबार दूसरों के हवाले कर दें कर्जदार कंपनियां: जेटली

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बैंकों का कर्ज लेकर उसे नहीं लौटा पाने वाली निजी कंपनियों के मालिकों से कहा है कि वह अपना बकाया चुकाएं या फिर कारोबार छोड़कर उसका नियंत्रण किसी दूसरे के हवाले कर दें.

भारतीय रिजर्व बैंक ने दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता कानून (Debt Reduction Incompetence Law) के तहत हाल ही में ऐसी 12 बड़ी कर्जदार कंपनियों के खिलाफ दिवाला कार्रवाई शुरू करने का बैंकों को निर्देश दिया है. इन कंपनियों में दो लाख करोड़ रुपए का कर्ज फंसा हुआ है. यह राशि बैंकों के कुल फंसे कर्ज का एक चौथाई के करीब है.

बैंकों से कर्ज लेकर उसे नहीं लौटा पा रहे कुछ और कर्जदारों के खिलाफ भी कारवाई को अधिसूचित किया जा रहा है.

जेटली ने कहा कि सरकार बैंकों को और पूंजी उपलब्ध कराने के लिये तैयार है लेकिन फंसे कर्ज का समाधान सरकार के लिए बड़ी प्राथमिकता है.

वित्त मंत्री ने इकोनोमिस्ट सम्मेलन में कहा, ‘दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता कानून के जरिए, मैं समझता हूं कि देश में पहली बार फंसे कर्ज के मामले में सक्रिय कारवाई की जा रही है.’

उन्होंने कहा कि फंसे कर्ज का समाधान करने में समय लगेगा. आप इस मामले में एक झटके में सर्जिकल कारवाई नहीं कर सकते हैं.

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने बैंकों को पहले ही 70,000 करोड़ रुपए तक पूंजी उपलब्ध करा दी है और उन्हें और पूंजी देने के लिए भी तैयार है. कुछ बैंक बाजार से भी पूंजी जुटा सकते हैं.

जेटली ने कहा, ‘हम बैंकिंग क्षेत्र में एकीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए भी सक्रियता से काम कर रहे हैं. हमें ज्यादा बैंक नहीं चाहिए, हमें कम लेकिन मजबूत बैंक चाहिए.’

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह ही देश के सार्वजनिक क्षेत्र के 21 बैंकों के बीच विलय प्रक्रिया को तेज करने का फैसला किया ताकि इन बैंकों की कार्यक्षमता और उनमें संचालन को बेहतर बनाया जा सके.

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