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रेल यात्रा: फेस्टिव सीजन में क्यों ट्रेन से बेहतर है प्लेन से सफर करना

रेल यात्रा पहले सस्ती और सहूलियत वाली मानी जाती थी लेकिन अब इसके किराए प्लेन से भी ज्यादा महंगे हो गए हैं

Pratima Sharma Pratima Sharma Updated On: Oct 04, 2017 11:06 AM IST

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रेल यात्रा: फेस्टिव सीजन में क्यों ट्रेन से बेहतर है प्लेन से सफर करना

कुछ साल पहले तक रेल यात्रा सबसे सस्ती, सुरक्षित और सहूलियत भरी मानी जाती थी. लेकिन अब रेल के सफर में पहले वाली बात नहीं रही. पिछले रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे की बैलेंस शीट को पटरी पर लाने के लिए खूब नए आइडिया पर काम किए थे. इसके पीछे उनका मकसद यात्रियों को समय पर टिकट उपलब्ध कराना भी था. हालांकि, अब अगर हम देखें तो साफ हो जाएगा कि प्रभु की स्कीम से यात्रियों को सहूलियतें भले ही ना बढ़ी हों लेकिन जेब जरूर कट रही है.

अगर आपको हमारी बात पर यकीन नहीं है तो कुछ उदाहरण देखें. इनमें हम एक ही तारीख, एक ही जगह के लिए कुछ ट्रेन टिकट और प्लेन टिकट के बारे में बताएंगे. बाकी फैसला आप खुद कर सकते हैं ट्रेन से सफर करना आपकी जेब को भाता है या प्लेन से.

ट्रेन में वक्त और पैसे दोनों बर्बाद

मान लीजिए आपको मुंबई जाना है. 10 अक्टूबर को आप मुबंई राजधानी में टिकट कराते हैं. इसके लिए आपको 2755 रुपए खर्च करने पड़ेंगे. साथ ही इसमें करीब 16 घंटे का वक्त लगेगा. मुंबई राजधानी में आप शाम 4.15 बजे बैठेंगे और अगले दिन 8.15 बजे सुबह पहुंचेंगे.

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अगर आप 10 अक्टूबर के लिए फ्लाइट से टिकट कराते हैं तो आपको 2807 रुपए चुकाने होंगे. यह ट्रेन टिकट के मुकाबले सिर्फ 52 रुपए ज्यादा है. अब आप खुद फैसला कर सकते हैं कि आप कैसे मुंबई जाना चाहते हैं. प्लेन से मुंबई जाने में आपको 2.10 घंटे लगेंगे.

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दिल से क्यों उतर गई है ट्रेन

अब दूसरा उदाहरण बेंगलुरु का लेते हैं. अगर आप 10 अक्टूबर को बेंगलुरु के लिए बेंगलुरु राजधानी का टिकट लेते हैं तो आपके 3425 रुपए खर्च होंगे. यह ट्रेन दिल्ली से बेंगलुरु पहुंचने में 33 घंटे 55 मिनट का वक्त लेती है.

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अगर आप इसी तारीख को प्लेन का टिकट लेते हैं तो आपको 4130 रुपए खर्च करने पड़ेंगे. ट्रेन के टिकट के मुकाबले यह 705 रुपए ज्यादा है. लेकिन आप 2.30 घंटे में बेंगलुरु पहुंच जाएंगे. अगर आप चेक-इन और चेक-आउट का टाइम भी 3 घंटा जोड़ लें तो भी 5.30 घंटे में आप अपने शहर में होंगे.

इतना ही नहीं, अगर आप 10 अक्टूबर के बजाय 11 अक्टूबर को बेंगलुरु प्लेन से जाने का मन बनाते हैं तो आपको सिर्फ 3436 रुपए खर्च करने पड़ेंगे. बाकी का हिसाब आप खुद लगा सकते हैं.

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प्लेन से महंगी ट्रेन की टिकट

तीसरा उदाहरण चेन्नई का लेते हैं. 10 अक्टूबर को अगर दिल्ली से चेन्नई के लिए दुरंतो में टिकट लेते हैं तो आपको 3760 रुपए चुकाने होंगे. अगर ट्रेन राइट टाइम चले तो भी इस सफर में आपको 28 घंटे 25 मिनट लगेंगे.

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अगर आप इसी तारीख के लिए दिल्ली से चेन्नई के लिए प्लेन का टिकट लेंगे तो आपको सिर्फ 3264 रुपए चुकाने होंगे. गौर कीजिए चेन्नई ट्रेन से जाने के बजाय प्लेन से जाएंगे तो कम पैसे खर्च होंगे. साथ ही प्लेन से आप सिर्फ 2.50 घंटे में चेन्नई पहुंच जाएंगे.

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छोटे शहर वालों को माया मिली ना राम

प्रधानमंत्री चाहते हैं कि हवाई चप्पल पहनने वाले भी प्लेन में सफर करें. लेकिन अभी छोटे शहरों के लोगों की किस्मत बदलने में वक्त लगेगा. छोटे शहरों में एयरपोर्ट जैसे इंफ्रास्ट्र्कचर की कमी है, लिहाजा उनके पास रेल से सफर करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है. कुछ शहरों में एयरपोर्ट है भी तो वहां उड़ानें इतनी कम हैं कि उन्हें प्लेन की सस्ती टिकटों का कोई फायदा नहीं मिलता है.

नए रेल मंत्री की पहल

सरचार्ज और फ्लेक्सी टिकटों की वजह से आम आदमी का खर्चा बढ़ गया है. अब नए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यह भरोसा दिलाया है कि वे फ्लेक्सी किरायों की समीक्षा करेंगे. मुमकिन है कि फ्लेक्सी किरायों में कमी आए लेकिन इस फेस्टिव सीजन में तो रेल यात्रियों को इसका कोई फायदा नहीं मिलने वाला है.

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