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इंफोसिस विवाद पर बोले मूर्ति: निजी नहीं, बोर्ड का खराब कामकाज था चिंता की वजह

इंफोसिस के निदेशक मंडल ने 18 अगस्त को नारायणमूर्ति पर हमला बोलते हुए उनपर गुमराह करने वाला अभियान चलाने का आरोप लगाया था

Bhasha Updated On: Aug 29, 2017 10:16 PM IST

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इंफोसिस विवाद पर बोले मूर्ति: निजी नहीं, बोर्ड का खराब कामकाज था चिंता की वजह

इंफोसिस के बोर्ड में भारी बदलाव के कुछ दिन बाद कंपनी के सह संस्थापक एन आर नारायणमूर्ति ने मंगलवार को कहा कि आर शेषसाई की अगुवाई वाले पिछले बोर्ड में उनकी चिंता कामकाज के खराब संचालन को लेकर थी. उन्होंने कहा कि इसके अलावा वह पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी को नौकरी छोड़ने के भारी पैकेज और पनाया के अधिग्रहण में कथित अनियमितताओं को लेकर चिंतित थे.

नारायणमूर्ति ने 18 अगस्त को इंफोसिस के सीईओ विशाल सिक्का के इस्तीफे के बाद से अपने कोई विचार नहीं रखे थे. उन्होंने कहा कि नंदन नीलेकणि की चेयरमैन के रूप में नियुक्ति कंपनी के लिए अच्छी बात है क्योंकि वह हमेशा कंपनी संचालन के बेहतर मानकों के तरफदार रहे हैं.

मूर्ति का दावा शेयरधारकों के हितों का ध्यान रखा

निवेशकों के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल में नारायणमूर्ति ने कहा कि शेषसाई और कुछ अन्य के इस्तीफे के बाद बोर्ड में कायाकल्प शुरू हो गया है. हालांकि, अभी भी इसमें कार्य प्रगति पर है.

इंफोसिस के निदेशक मंडल ने सिक्का के इस्तीफे के लिए नारायणमूर्ति को जिम्मेदार ठहराया था. पिछले सप्ताह शेषसाई और तीन अन्य निदेशकों ने इस्तीफा दे दिया था. करीब एक दशक बाद नीलेकणि की बोर्ड में वापसी हुई है.

नारायणमूर्ति ने कहा, ‘मेरी प्रमुख चिंता पिछले बोर्ड का खराब कामकाज थी. मैंने हमेशा शेयरधारकों के हितों का ध्यान रखा है. यह कभी भी मेरे व्यक्तिगत और निजी लाभ के लिए नहीं हो सकता.’

इंफोसिस के निदेशक मंडल ने 18 अगस्त को नारायणमूर्ति पर हमला बोलते हुए उनपर गुमराह करने वाला अभियान चलाने का आरोप लगाया था. बोर्ड ने सिक्का के इस्तीफे के लिए भी नारायणमूर्ति को ही जिम्मेदार ठहराया था.

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