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सेबी के बाद सहारा समूह पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का डंडा

सहारा समूह पर आयकर विभाग का 24,843 करोड़ रुपए की टैक्स देनदारी है, जिसमें ब्याज शामिल नहीं है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Sep 11, 2017 09:36 PM IST

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सेबी के बाद सहारा समूह पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का डंडा

सहारा समूह पर मार्केट रेगुलेटर सेबी की सख्ती के बाद अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर पड़ गई है. इनकम टैक्स ने सहारा समूह के अधीन एंबी वैली पर 24 हजार 843 करोड़ रुपए की टैक्स देनदारी का दावा ठोंका है. इनकम टैक्स के इस नोटिस के बाद सहारा समूह एक और मुसीबत में फंस सकती है.

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का यह नोटिस उस वक्त सामने आया है, जब बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त ऑफिशियल लिक्विडेटर एंबी वैली की नीलामी की प्रक्रिया जल्द ही शुरू करने वाले थे.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 26 जुलाई को ऑफिशियल लिक्विडेटर को जानकारी दे दी है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऑफिशियल लिक्विडेटर को सूचित कर दिया है कि एंबी वैली की होने वाली नीलामी में उनका भी हिस्सा है.

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का 24, 843 करोड़ रुपए की टैक्स देनदारी है, जिसमें ब्याज शामिल नहीं है. अगर ब्याज शामिल किया जाए तो यह रकम और भी अधिक हो जाएगा.

आयकर विभाग के अनुसार एंबी वैली का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी एंबी वैली लिमिटेड पर आयकर बकाया है. आयकर विभाग ने पहले ही 26 अप्रैल को आधिकारिक नीलामी के लिए अपना आवेदन भेजा है.

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एंबी वैली का एक नजारा

सुप्रीम कोर्ट ने एंबी वैली नीलाम करने का आदेश जारी किया था

पिछले महीने ही सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप को बड़ा झटका देते हुए 5092 करोड़ रुपए की किश्त नहीं चुकाने पर महाराष्ट्र के लोनावला स्थित एंबी वैली प्रॉपर्टी को नीलाम करने का आदेश जारी किया था.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में सहारा समूह से 7 सितंबर तक 1500 करोड़ रुपए जमा करने को कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर सहारा ग्रुप यह पैसा चुका देती है, तो पुणा स्थित एंबी वैली की नीलामी रोकी जा सकती है.

हम आपको बता दें कि पिछले महीने की 14 तारीख को एंबी वैली की नीलामी को लेकर सभी प्रमुख अखबारों में नोटिस जारी किया गया था. लगभग 6,761.6 एकड़ में फैले एंबी वैली सिटी लोनावाला के पास है. नीलामी से जुड़ी दो भूखंडों का रकबा लगभग 1700 एकड़ है.

अखबारों में दिए विज्ञापन में कहा गया था कि बोली लगाने वालों को केवाईसी (ग्राहक का परिचय) फॉर्म भरना पड़ेगा. बोली में शामिल होने वाले या लगाने वाले लोग 21 सितंबर से तीन अक्टूबर के बीच अपनी अर्जी दाखिल कर सकते हैं. 10 से 11 अक्टूबर को नीलामी की प्रक्रिया पूरी हो सकती है.

साल 2011 में सेबी ने सहारा समूह को तीन करोड़ निवेशकों से 20 हजार करोड़ रुपए गैर-कानूनी तरीके से अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज किया था.

2012 में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को 24 हजार करोड़ रुपए जमा करने को कहा था. पैसा नहीं जमा करने पर सहारा समूह के चेयरमैन सुब्रत राय और तीन डायरेक्टरों को जेल भेज दिया था. फिलहाल सुब्रत राय जमानत पर जेल से बाहर हैं.

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