#DelhiPollution: एयर प्यूरिफायर खरीद रहे हैं, तो इन बातों का रखें ध्यान

इस प्रदूषित हवा में अपने आस-पास को साफ रखने के लिए सहारा लीजिए एयर प्यूरिफायर.

FP Staff

दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग ने सबकी नींदें हराम कर दी हैं, सांस लेना दूभर हो गया है. पूरे एरिया में धूल, ह्यूमिडिटी ज्यादा होने और हवा की रफ्तार कम होने के कारण एयर क्वालिटी बहुत खराब हो गई है. ऐसे में अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए एयर प्यूरिफायर होना बेहद जरुरी है. भारत में एयर प्यूरिफायर की रेंज 8,000 हज़ार से लेकर 1 लाख रुपये के बीच है. हम आपको बता रहे हैं एयर प्यूरिफायर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखे-

- जिस कमरे में आपको एयर प्यूरिफायर इंस्टॉल करना है उस कमरे का साइज़(स्क्वायर मीटर) में नाप लें. ध्यान रहे कि एयर प्यूरिफायर सिर्फ एक कमरे के लिए लगाया जा रहा हो.


- Ionizers, UV लाइट-बेस्ड मॉडल को ना चुनें.

- एयर फिल्टर से बिजली के खर्च को ना भूलें, और बेस्ट नतीजे के लिए एयर प्यूरिफायर को हमेशा ऑन रखें.

सर्टिफिकेशन

सबसे ज़यादा ज़रुरी 2 स्टैंडर्ड होते हैं, AHAM (American) और China सर्टिफिकेशन. मगर भारत में मौजूद एयर प्यूरिफायर में यह दोनों सर्टिफिकेशन बहुत कम मिलते हैं. यह दोनों सर्टिफिकेट एयर प्यूरिफायर मॉडल के बेस्ट परफॉर्मेंस के लिए होते हैं. AHAM वेरिफाई की गई ब्रांड में Blueair, Bosch, Elecrolux. Honeywell, LG, Philips और Sharp Whirlpool शामिल है. ध्यान रहे हो सकता है इन सभी ब्रांड का हर मॉडल इससे वेरिफाई ना हो. शियोमी जैसी कुछ ब्रांड चाइनीज़ GB/T 18801 एयर प्यूरिफायर स्टैंडर्ड फॉलो करती हैं.

टाइप ऑफ फिल्टर

एयर प्यूरिफायर की क्वालिटी और फिल्टर किस टाइप का है बताता है कि यह कितने अच्छे से गंदी हवा को साफ करेगा. सबसे ज़्यादा आसानी से मिलने वाला एयर प्यूरिफायर है HEPA(हाई एफिशिएंसी पार्टिक्यूलेट एयर). यह हवा में मौजूद सबसे छोटे 0.3 साइज़ के माइक्रोन्स को भी 99.9% तक साफ कर देता है. कुछ ब्रांड HEPA फिल्टर के साथ अल्ट्राफाउइन पार्टिकल फिल्टर भी देते हैं, जिससे 0.3 माइक्रोन्स से भी छोटे पार्टिकल भी साफ हो जाते हैं. (एक बाल के 240 टूकड़े करने पर जो एक बाल की चौड़ाई होती है वह 0.3 माइक्रोन्स के बराबर होती है). बता दें कि HEPA फिल्टर्स बदबू खत्म नहीं करता है.

एयर प्यूरिफायर कीटाणुओं को नहीं खत्म कर पाते हैं तो ऐसा प्यूरिफायर चुनिए जिसमें एंटी बैक्टीरियल कोटिंग हो. इसके अलावा कुछ एयर प्यूरिफायर मॉडल में वॉशेबल(धुल जाने वाला) प्री फिल्टर मौजूद होता, तो ऐसा प्यूरिफायर सेलेक्ट करें जिसमें वॉशेबल प्री फिल्टर हो. यह एयर प्यूरिफायर की लाइफ भी बढ़ाता है.

परफॉर्मेंस

एयर प्यूरिफायर की परफॉर्मेंस इसके कवरेज एरिया, क्लीन एयर डिलिवरी रेट(CADR) और एयर चेंज पर आवर(ACH) से रेट की जाती है. ज़्यादातर ब्रांड के पास CADR मॉडल होते हैं तो खरीदते समय इसके बारें में ज़रूर पूछ लें.

क्या है ACH?

इसको आसान भाषा में कहें तो इसका मतलब है कि हर घंटे हवा में बदलाव. इससे पता चलता है कि एक एरिया में कितनी तेज़ी से हवा साफ हो रही है. दिल्ली की हवा की बात करें तो यहां के लिए 4 ACH की ज़रुरत है, जो हर एक घंटे में 4 बार हवा साफ करेगा (हर 15 मिनट पर).

इन बातों का भी रखें ध्यान

फिल्टर की रिप्लेसमेंट की कीमत देख लें. ज्यादातर इसकी कीमत 15,000-2,500 रुपये के बीच होती है. बिजली की खपत को ध्यान में रखने के लिए एयर प्यूरिफायर के एनर्जी स्टार रेटिंग को ज़रूर चेक करें. नॉइज़ यानी इसका शोर 35 डेसिबल (फैन के टॉप स्पीड पर) होना चाहिए. उन मॉडल को बिलकुल ना खरीदें जिनकी डेसिबल रेटिंग 55 से ज़्यादा हो. यह आपके सोने में बाधा डाल सकती है.

(न्यूज18 से साभार)