रायन मर्डर केस: छात्र ने कबूला जुर्म, CBI ने रिक्रिएट किया क्राइम सीन

जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट से मिली कस्टडी के बाद सीबीआई आरोपी छात्र को घटनास्थल पर लेकर गई और वहां उसने क्राइम सीन रिक्रिएट किया

FP Staff

प्रद्युम्न मर्डर केस में एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं. जहां सीबीआई का कहना है कि प्रद्युम्न की हत्या उसी के स्कूल के 11वीं के एक छात्र ने की है, वहीं पुलिस रिपोर्ट में बस कंडक्टर को आरोपी बताया गया था. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट से मिली कस्टडी के बाद सीबीआई आरोपी छात्र को घटनास्थल पर लेकर गई और वहां उसने क्राइम सीन रिक्रिएट किया.

सीबीआई आरोपी को उस दुकान पर लेकर गई, जहां से उसने चाकू खरीदा था और बाद में स्कूल में उस जगह लेकर गई प्रद्युम्न की हत्या हुई थी. आरोपी तीन दिनों की सीबीआई कस्टडी में है. गुरुवार को सीबीआई की टीम ने उससे कुछ देर पूछताछ की और फिर उसे गुरुग्राम ले गई. सीबीआई का मानना है कि प्रद्युम्न की हत्या के पीछे और भी कुछ लोग शामिल हो सकते हैं. सीबीआई प्रवक्ता ने कहा है कि इस मामले में अभी तक 125 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है. हमें शक है कि प्रद्युम्न की हत्या में और भी लोग शामिल हो सकते हैं.


वहीं हिरासत में लिए गए रायन स्कूल के 11वीं के छात्र ने अपने पिता और एक स्वतंत्र गवाह के सामने अपना अपराध कबूल कर लिया है. सीबीआई ने एक जुवेनाइल कोर्ट में यह दावा किया. गुड़गांव के जुवेनाइल कोर्ट ने छात्र को तीन दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया था. उसे किंग्सवे कैंस स्थित बाल सुधार गृह 'सेवा कुटीर' में रखा जा रहा है.

अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि हिरासत की अवधि के दौरान सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक सात घंटे तक पूछताछ की जाए. मामले में सनसनीखेज खुलासा तब हुआ जब एजेंसी ने बताया कि उसने प्रद्युम्न की हत्या के सिलसिले में मंगलवार रात को रायन इंटरनेशनल स्कूल के एक 11वीं के छात्र को पकड़ा है. इस तरह से हत्या के लिए स्कूल के बस कंडक्टर अशोक कुमार को जिम्मेदार ठहराने की गुरुग्राम पुलिस की कहानी भी खारिज हो जाती है.

सीबीआई ने कहा कि बस कंडक्टर अशोक के खिलाफ अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है. एजेंसी के मुताबिक 11वीं के छात्र ने स्कूल में होने वाली पीटीएम मीटिंग और परीक्षा को टलवाने के लिहाज से छुट्टी कराने के लिए कथित तौर पर प्रद्युम्न का गला रेत दिया. आरोपी छात्र को पढ़ाई में कमजोर माना जाता है. सीबीआई प्रवक्ता ने कहा था कि एजेंसी को यौन उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला है.