केजरीवाल सरकार को NGT की फटकार- ऐसे लागू नहीं कर सकते Odd-Even

एनजीटी ने कहा, अब जब हालात सुधर रहे हैं, तो सरकार ऑड-ईवन लागू करने का प्रयास कर रही है. आप चाहते तो इसे पहले ही लागू कर सकते थे

FP Staff

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है. आलम ये है कि सरकार खुद लोगों को सुबह और शाम के वक्त घरों में रहने की सलाह दे रही है. वहीं इस दिल्ली की इस बिगड़ती स्थिति को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने केजरीवाल सरकार को फटकार लगाई है. केजरीवाल सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए एक बार फिर ऑड-ईवन के पुराने फॉर्मूले को अपनाने का फैसला किया है.

वहीं एनजीटी ने साफ कर दिया है कि संतुष्ट होने तक ऑड-ईवन को लागू नहीं किया जाएगा. एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा कि सीपीसीबी की रिपोर्ट के बाद भी ऑड-ईवन क्यों लाया जा रहा है. आपको बता दें कि 21 अप्रैल 2016 को सौंपी सीपीसीबी की रिपोर्ट में कहा गया था कि हमारे पास ऐसा कोई डेटा नहीं है, जिससे कहा जा सके कि ऑड-ईवन लागू करने से प्रदूषण में कमी आई थी.


एनजीटी ने कहा, अब जब हालात सुधर रहे हैं, तो सरकार ऑड-ईवन लागू करने का प्रयास कर रही है. आप चाहते तो इसे पहले ही लागू कर सकते थे. अब इससे सिर्फ लोगों को असुविधा होगी.

ऑड-ईवन पर एनजीटी ने आगे कहा, सुप्रीम कोर्ट ने कभी भी इस योजना को लागू करने को नहीं कहा. सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ने आपको (दिल्ली सरकार) प्रदूषण रोकने के 100 उपाय सुझाए थे. लेकिन आपने हमेशा ऑड-ईवन को चुना. ऑड-ईवन का फॉर्मूला इस तरह से लागू नहीं किया जा सकता. आपकी ओर से पिछले एक साल में कुछ भी नहीं किया गया..