बुढ़ापे से लड़ने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में कारगर है मशरूम

उन्होंने बताया कि जब ऊर्जा बनाने के लिए शरीर भोजन का इस्तेमाल करता है तब इसके कारण ‘ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस’ भी बनता है. शरीर में एंटीऑक्सिडेंट की फिर से पूर्ति कर इस ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचा जा सकता है

Bhasha

मशरूम में ऐसे ‘एंटीऑक्सिडेंट’ की मात्रा बहुत ज्यादा हो सकती है जो बुढ़ापा आने की रफ्तार को कम करने के साथ ही स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. यह दावा एक अध्ययन में किया गया है.

अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि मशरूम में बड़ी मात्रा में एर्गोथिओनिन और ग्लूटोथियोन मौजूद होता है और दोनों ही बेहद जरूरी एंटीऑक्सिडेंट होते हैं. इनकी संख्या मशरूम की प्रत्येक प्रजाति में अलग-अलग होती है.


अमेरिकी की पेनसिल्वानिया स्टेट यूनिवर्सिटी के प्राध्यापक रॉबर्ट बीलमैन ने बताया कि मशरूम इन दोनों एंटीऑक्सिडेंट का सबसे बेहतर स्रोत है और मशरूम के कुछ प्रकारों में दोनों ही एक-साथ मौजूद होते हैं.

उन्होंने बताया कि जब ऊर्जा बनाने के लिए शरीर भोजन का इस्तेमाल करता है तब इसके कारण ‘ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस’ भी बनता है. शरीर में एंटीऑक्सिडेंट की फिर से पूर्ति कर इस ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचा जा सकता है. यह अध्ययन जर्नल फूड केमिस्ट्री में प्रकाशित हुआ है.