जीएसटी: रोजमर्रा इस्तेमाल की 178 वस्तुएं हुईं सस्ती

28 प्रतिशत के स्लैब में आने वाली वस्तुओं की संख्या को घटाकर कौंसिल ने इसमें वस्तुओं की संख्या को घटाकर 50 कर दिया है

Bhasha

जीएसटी कौसिंल ने चॉकलेट से लेकर डिटर्जेंट तक आम इस्तेमाल वाली 178 वस्तुओं पर कर दर को मौजूदा 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया है. बिहार के उप -मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यह जानकारी दी.

फाइव स्टार होटलों को छोड़कर एसी रेस्तरां में 18 फीसदी से घटाकर जीएसटी की दर 5 फीसदी कर दी गई है.


सुशील मोदी ने  शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि कौसिंल ने 28 प्रतिशत के सर्वाधिक कर दर वाले स्लैब में वस्तुओं की संख्या को घटाकर सिर्फ 50 कर दिया है जो कि पहले 227 थी. जीएसटी कौसिंल ने यहां अपनी 23वीं बैठक में शुक्रवार को 178 वस्तुओं पर कर दर में कटौती कर दी.

उल्लेखनीय है कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्य व्यापक खपत वाली वस्तुओं को 28 प्रतिशत कर दायरे में रखने का विरोध कर रहे थे. जीएसटी दर के इस स्लैब में ज्यादातर लग्जरी और अहितकर वस्तुओं को रखा गया है.

दरें तय करने वाली (फिटमैंट) समिति ने 28 प्रतिशत के स्लैब में आने वाली वस्तुओं की संख्या को घटाकर 62 करने की सिफारिश की थी जबकि कौसिंल ने इसमें वस्तुओं की संख्या को घटाकर 50 कर दिया है.

देश में नई जीएसटी प्रणाली का कार्यान्वयन एक जुलाई से किया गया है. इसमें पांच कर स्लैब 0 प्रतिशत, पांच प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत व 28 प्रतिशत रखे गए हैं.

सुशील मोदी ने कहा, ‘28 प्रतिशत कर स्लैब में 227 वस्तुएं थी. फिटमैंट समिति ने इसमें वस्तुओं की संख्या घटाकर 62 करने की सिफारिश की थी जबकि जीएसटी कौसिंल ने इससे भी आगे बढ़कर 12 और वस्तुओं को इसके दायरे से हटाने का फैसला किया है.’

इन सामानों पर लगेगा अब 18% जीएसटी

उन्होंने कहा कि सभी तरह की च्युइंगम, चॉकलेट, फेशियल मैकअप तैयारी के सामान, शैविंग और शैविंग के बाद काम आने वाले सामान, शैंपू, डियोडोरेंट, कपड़े धोने के डिटरजेंट पाउडर व ग्रेनाइट और मार्बल पर अब 18 प्रतिशत दर से जीएसटी लगेगा.

उन्होंने कहा-इस बात पर सहमति थी कि 28 प्रतिशत श्रेणी में केवल अहितकर व गैर जरूरी सामान ही होंगे.

सुशील मोदी ने कहा, ‘इसलिए आज जीएसटी कौसिंल ने ऐतिहासिक फैसला किया कि 28 प्रतिशत जीएसटी दर में केवल 50 वस्तुएं ही होंगी. इस स्लैब से हटाई गइ बाकी वस्तुओं पर कर दर को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है.’ रंग रोगन और सीमेंट को 28 प्रतिशत कर दायरे में ही रखा गया है. उन्होंने कहा, ‘वाशिंग मशीनों व एयर कंडीशनर जैसे लग्जरी उत्पादों को 28 प्रतिशत जीएसटी दायरे में रखा गया है.’

उन्होंने कहा कि जीएसटी कौसिंल के आज के फैसले का राजस्व पर असर 20,000 करोड़ रुपए सालाना होगा.

सुशील मोदी ने कहा, ‘इस बात पर सहमति थी कि 28 प्रतिशत स्लैब को धीरे-धीरे 18 प्रतिशत पर लाया जाए. लेकिन इसमें समय लगेगा क्योंकि इससे सरकारी खजाने पर बड़ा असर होगा.'